आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में की गई वृद्धि अक्टूबर 2018 से लागू  - महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री 
 

जयपुर। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री ममता भूपेश ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में की गई वृद्धि अक्टूबर 2018 से ही लागू है।

 

भूपेश प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 20 सितम्बर 2018 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा गया था, जिसमें एक अक्टूबर 2018 से मानदेय वृद्धि लागू करने के निर्देश प्रदान किये गये थे।

 

 उन्होंने कहा कि गत सरकार द्वारा इस संबंध में वित्तीय स्वीकृति जारी नहीं की गई। राज्य सरकार ने 31 जुलाई 2019 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि की स्वीकृति दी और इस वृद्धि को अक्टूबर 2018 से ही लागू किया।

 

इससे पहले विधायक बलवीर सिंह लूथरा के मूूल प्रश्न के लिखित जवाब में भूपेश ने विधान सभा क्षेत्र रायसिंहनगर सहित पूरे प्रदेश  में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा वर्तमान में दिये जाने वाले मानदेय का विवरण सदन के पटल पर रखा।  विगत पाँच वर्षो में दिनांक 1.06.2016 से, दिनांक 1.04.2018 से एवं दिनांक  1.10.2018 से (जारी आदेश दिनांक 31.07.2019) मानदेय में वृद्धियां की गई। उन्होंने इसका विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा।

 

उन्होंने बताया कि सभी स्तर के आंगनबाड़ी कार्मिकों के मानदेय में वित्तीय वर्ष 2019-20 में वृद्धि की गई है। उन्होंने वृद्धि का विवरण सदन के पटल पर रखा। वर्तमान में वृद्धि का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

 

भूपेश ने बताया कि विभागीय सेवा नियमों में यह प्रावधान नहीं है। सेवा नियमों में महिला पर्यवेक्षक के 50 प्रतिशत पद प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से भरे जाने का प्रावधान है। स्नातक एवं 10 वर्ष का अनुभव रखने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसके लिए पात्र होती है।