बाड़मेर के पंरपरागत हाथकरघा का होगा संवर्द्धन-मुक्तानन्द अग्रवाल

कलस्टर परियोजना को दी जाएगी गति



जयपुर। उद्योग आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम एनएचडीपी के तहत स्वीकृत बाड़मेर ब्लॉक लेवल कलस्टर को गति देने के निर्देष देते हुए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर जाकर आवष्यक कार्यवाही करने के निर्देष दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस कलस्टर परियोजना के क्रिायान्वयन से बाड़मेर के परंपरगत हस्तषिल्प के संरक्षण संवर्द्धन के साथ ही जिले के बुनकर लाभान्वित हो सकेंगे।



आयुक्त उद्योग अग्रवाल शुक्रवार को उद्योग भवन में राज्य स्तरीय परियोजना समिति की बैठक में परियोजना प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परियोजना के क्र्रियान्वयन में आ रही बाधाओं का निराकरण करते हुए जिले में हाथकरघा के विकास के इस महत्वाकांक्षी कलस्टर कार्यक्रम को अमली जामा पहनाया जाए। उन्होंने इसके लिए मुख्यालय से बाड़मेर जिला प्रभारी अधिकारी, संयुक्त निदेषक हाथकरघा, जिला उद्योग अधिकारी हाथकरघा और बाड़़मेर के महाप्रबंधक जिला उद्योग केद्र को कलस्टर का विजिट कर सदस्यों और संबंधित लाभान्वितों से संवाद कायम करने का भी निर्देष दिया।



आयुक्त अग्रवाल ने बताया कि मार्च, 2017 में एक करोड 75 लाख के बाड़मेर कलस्टर प्रोग्राम के लिए अप्रेल, 2017 में 39 लाख की पहली किष्त जारी हो चुकी है। परियोजना में बुनकरों के लिए कॉमन फेसिलिटी सेंटर के साथ ही 70 व्यक्तिगत वर्क ष्षेड, बुनाई, डाइंग, डिजाइनिंग आदि का प्रषिक्षण और 177 बुनकरों को एसेसरिज उपलब्ध्ध कराने का प्रावधान है। इस परियोजना से बाड़मेर के परंपरागत हाथकरधा षिल्प को संरक्षण, संवर्द्धन के साथ ही क्षेत्र के बुनकरों को नई तकनीक से डिजाइनिंग से जोड़ना भी है। इससे क्षेत्र के करीब 347 बुनकर लाभान्वित हो सकेंगे।
बैठक में संयुक्त निदेषक आरके आमेरिया, डीआईओ राजेष सक्सैना, आरएसडीसी से दिनेष गुप्ता, बुनकर सेवा केन्द्र उपनिदेषक तपन शर्मा, बाड़मेर हाथकरघा वस्त्र उत्पादक समिति के अध्यक्ष पारस मल सहित संबंधित संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।