गहलोत सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी: डाॅ. सतीश पूनियां

पूर्व मंत्री सी.आर. चैधरी के गांव धाँदलास जाकर उनकी पत्नी के निधन पर शोक जताया।



जयपुर। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने आज शनिवार को नागौर जिले के प्रवास पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.आर. चैधरी के गांव धाँदलास जाकर उनकी पत्नी के निधन पर शोक जताया और मेड़ता में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गहलोत के सवा साल के शासन में ही एंटी इनकंबेंसी शुरू हो गई है। मैंने राजस्थान के लगभग सभी जिलों का दौरा किया है, सभी स्थानों पर जनता कांग्रेस के राज से इतने दिनों में ही त्रस्त हो चुकी है और सरकार के सवा साल के कार्यकाल में ही जनता का भयंकर विरोध शुरू हो गया है।


पूनिया ने कहा की गहलोत सरकार ने हाल ही में बिजली के दामों में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी करके इस सरकार ने जनता के साथ धोखा किया है। कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में बिजली के दाम नहीं बढ़ाने का वादा किया था, लेकिन 13 महीने के शासनकाल में ही 11 प्रतिशत दाम बढ़ाकर 60 लाख उपभोक्ताओं पर भार डाल दिया। इससे पहले वे किसानों की कर्जमाफी के वादे पर उन्हें धोखा दे चुके। पिछले एक साल में किसानों के आत्महत्याओं के कई मामले इसके प्रमाण हैं। बेरोजगारों को भत्ता देने की बात पर ये यूटर्न मार चुके हैं। दस लाख बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कहकर सिर्फ डेढ़ लाख को भत्ता दिया गया। मुख्यमंत्री गहलोत शायद पांच वर्ष रहे, तो निश्चित तौर पर यूटर्न का रिकाॅर्ड बना लेंगे। इस तरह जनता से किये सभी वादे तोड़कर, झूठ बोलकर जनता में सरकार के खिलाफ 13 माह में ही एंटी इनकंबेंसी शुरू हो गई है। नागरिकता संशोधन कानून को विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी लागू करने की बात करते हैं, वहीं मुख्यमंत्री गहलोत लागू नहीं करने की रट लगाए हुए हैं। सरपंचों के चुनाव में गफलत हुई और समय पर चुनाव नहीं करवाकर पंचायत संस्थाओं को कमजोर किया गया।