आवष्यक वस्तुओं का विनिर्माण और आपूर्ति करने वाली औद्योगिक इकाइयां लॉक आउट से मुक्त, उद्योग विभाग से जारी होंगे अनुज्ञा पत्र-एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल


जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन के दौरान आवष्यक वस्तुओं का विनिर्माण और आपूर्ति करने वाली औद्योगिक इकाइयों को लॉक आउट से मुक्त रखा गया है।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि प्रदेष की इस तरह की औद्योगिक इकाइयों के निर्बाध संचालन के लिए उद्योग विभाग और रीको के अधिकारियों को आवष्यक पास, परमिट और अनुमति पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। इसके साथ ही उद्योग विभाग में राज्य स्तर पर कन्ट्र्ोल रुम स्थापित करने के साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाते हुए समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने बताया कि आयुक्त उद्योग श्री मुक्तानन्द अग्रवाल के निर्देषों व मार्गदर्षन में यह टीम कार्य कर रही है।



एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा जारी इस आषय के आदेषों के अनुसार एक ही जिले मेें कार्यरत रीको अधिकृत क्षेत्रों के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में स्थित औद्योगिक इकाइयों के लिए संबंधित महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र द्वारा पास, परमिट व अनुमति जारी की जाएगी वहीं एक ही जिले में कार्यरत रीको औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों के लिए रीको के क्षेत्रीय इकाई प्रमुख द्वारा यह अनुमतियां जारी की जाएगी। इसी तरह से एक से अधिक जिलों में कार्यरत रीको अधिकृत क्षेत्र के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों की इकाइयों के लिए अतिरिक्त निदेषक उद्योग अविन्द्र लढ़डा द्वारा व एक से अधिक जिलों में कार्यरत रीको अधिकृत क्षेत्र की इकाइयों के लिए प्रबंध निदेषक रीको या उनके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी रीको मुख्यालय द्वारा पास, परमिट व अनुमतियां जारी की जाएगी।



डॉ. अग्रवाल ने बताया कि इसी तरह से कन्टीन्यूअस नेचर के उत्पादन में लगी इकाइयों के लिए भी अनुज्ञा पत्र जारी करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार के निर्देषों में लॉक आउट से मुक्त इकाइयों के लिए ही यह व्यवस्था होगी।



आयुक्त उद्योग मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि लॉक डाउन से मुक्त रखी गई आवष्यक वस्तुओं का विनिर्माण करने वाली औद्योगिक इकाइयों द्वारा उत्पादित सामग्री को लाने ले जाने के साथ ही इस सामग्री की डोर टू डोर सप्लाई, होम डिलीवरी निर्बाध रुप से करने हेतु वाणिज्यिक एवं निजी वाहनों और कार्मिकों को सप्लाई चेन मंेटेंन रखने के उद्देष्य से आवष्यक पास, परमिट, अनुमति पत्र जारी करने के लिए यह व्यवस्था सुनिष्चित की गई है। उन्होंने बताया कि प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी इस तरह के अनुमति पत्रों को ऑनलाईन विवरण संबंधित जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, रीको और आयुक्त उद्योग को आवष्यक रुप से भेजने को निर्देषित किया गया है।



आयुक्त उद्योग अग्रवाल ने बताया कि एसीएस उद्योग द्वारा जारी एक अन्य आदेष में एसी इकाइयां जिनका उत्पादन कन्टिून्यूअस नेचर का है और जिनको तत्काल बंद करना संभव नहीं हैं उनको निरन्तर जारी रखने और उनके वाहनों एवं श्रमिकों के आवागमन को सुनिष्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्रों को स्वीकृति पत्र जारी करने के लिए अधिकृत किया है। उन्होंने बताया कि संबंधित महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र द्वारा इसकी जानकारी संबंधित जिला कलक्टर, पंुलिस अधीक्षक, रीको और आयुक्त उद्योग को आवष्यक रुप से दी जाएगी। एक से अधिक जिलो में उत्पादनरत इस तरह की इकाइयों के लिए अतिरिक्त निदेषक उद्योग श्री अविन्द्र लढ़डा द्वारा जारी की जाएगी।



राज्य स्तर पर कन्ट्र्ोल रुम व नोडल अधिकारी



राज्य स्तरीय कन्ट्र्ोल रुम का प्रभारी अधिकारी अतिरिक्त निदेषक अविन्द्र लढ़डा व संयुक्त निदेषक आरके आमेरिया को बनाया गया है। इसी तरह से लॉक डाउन से मुक्त औद्योगिक इकाइयों के उत्पादों के निर्बाध परिचालन समन्वय के लिए संयुक्त निदेषक श्री एसएस शाह और श्री पीआर शर्मा को समन्वयक बनाया गया है। इसी तरह से ऑनलाईन कंपनियों के इस श्रेणी में आने वाले उत्पादों की निर्बाध डिलीवरी के लिए संयुक्त निदेषक श्री संजय मामगेन को समन्वयक बनाया गया है। संयुक्त निदेषक श्री संजीव सक्सेना को केन्द्र व राज्य सरकार से प्राप्त निर्देषों की मोनेटरिंग व सीएसआर कंपनियों से समन्वय के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। 21 दिन के देषव्यापी लॉक डाउन के दौरान राज्य में चिकित्सा संबंधी एवं आवष्यक खाद्य वस्तुओं आदि का उत्पादन करने वाले प्रतिष्ठानों में उत्पादन का कार्य जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही इनकी आपूर्ति भी बनाए रखी जाएगी।



एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि यह निर्देष केन्द्र सरकार द्वारा 24 मार्च को जारी आदेषों के बिन्दु 5 बी व राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देष दिनांक 22 मार्च व 26 मार्च के क्रम में उद्योग विभाग से संबंधित निर्णयों के क्रम में जारी किए गए हैं।



खादी संस्थाएं बना रही है मास्क, 2000 हजार मास्क निःषुल्क वितरित



एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस के लिए चलते मास्क की समुचित व्यवस्था के लिए राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड खादी संस्थाओं व खादी से जुड़ी गैरसरकारी संस्था सोसायटी फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वुमेन आटिऱ्जन सेवा आदि के साथ आगे आया है। उन्होंने बताया कि गैसरकारी संस्था सोसायटी फॉर एम्पॉवरमेंट ऑफ वुमेन आटिऱ्जन सेवा की संयोजक एवं जानी मानी डिजाइनर फरहा अंसारी ने कोराना वायरस को देखते हुए ओरगनिक रियूजेवल फेब्रिक के मास्क, टोपियां तैयार कर निःषुल्क उपलब्ध कराने की पहल की है। उन्होंने बताया कि खादी बोर्ड से समन्वय बनाते हुए शुक्रवार को करीब 2000 मास्क जिला प्रषासन व अन्य स्थानों पर निःषुल्क उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने बताया कि इसी तरह से मॉस्क निर्माण के लिए जामडोली की खादी संस्था सत्या खादी ग्रामोद्योग विकास संस्थान ने खादी संस्थान बजाज नगर को 125 मीटर फेब्रिक रियूजेबल मॉस्क तैयार करने के लिए उपलब्ध कराया है। खादी संस्थाओं द्वारा करीब 10 हजार मॉस्क तैयार कर उपलब्ध कराने की पहल की जा चुकी है।