बाबा जयगुरुदेव संगत ने घरों में रहकर सादगी से बनाया राष्ट्रीय पर्व मुक्ति दिवस
जयपुर। 23 मार्च को समस्त बाबा जयगुरुदेव संगत भारत और विदेशों में आज के दिन को राष्ट्रीय पर्व मुक्ति दिवस बड़े ही घूम-धाम से मनाते हैं। लेकिन सम्पूर्ण भारत मे फैली "कोरोना वायरस" जैसी वैश्विक महामारी के कारण बाबा जयगुरुदेव के करोड़ों भक्तों ने इस राष्ट्रीय पर्व को बड़े ही सादगी से मनाया। सभी शिष्यों ने आज अपने-अपने घरों में रहकर "कोरोना वायरस" से मुक्ति के लिए *जयगुरुदेव नाम* की धुनि की।

 

बाबा जयगुरुदेव संगत राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष वैध रामकरण शर्मा ने कहा कि महाराज जी ने सत्संग में बताया कि इस सृष्टि को बनाने वाले ने कर्मों का विधान जब से बनाया तब से मनुष्य शरीर में आने वाला कोई बच नहीं पाया इस समय पर तो नव्या और जिव्या के स्वाद में मस्त इंसान सुन नहीं रहा ।इस समय पर कुदरती कहर दिखाई पड़ने लगा।उन कर्मों की वजह से यह सब प्राकृतिक प्रकोप आते हैं जैसे इस समय कोरोना वायरस।इसके प्रकोप से सारी मानव जाति चिंतित है।

 

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी  लोगो की जान ले रही है ऐसे खराब समय से बचने के लिए बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के  आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकान्त जी महाराज ने एवं उससे पहले के तमाम महात्माओं ने समस्त मानव जाति को समय-समय पर चेताया और आगे आने  वाली खतरनाक बीमारियां एवं प्राकृतिक आपदाओं के बारे में बताया।

 

इस विकट परिस्थितियों में बाबा जयगुरुदेव संगत के प्रेमियों की आप सभी जनमानस से यह अपील और प्रार्थना कि है यदि आप अपने और अपने परिवार एवं अड़ोस-पड़ोस में रहने वाले रिश्तेदारों को बताएं कि आप सब लोग शाकाहारी,सदाचारी एवं नशा मुक्त रहने का संकल्प लेकर  निरंतर  जय गुरुदेव नाम की ध्वनि के रूप में  "जय गुरुदेव जय गुरुदेव जय जय जय गुरुदेव नाम" का जाप करें ।

 

इससे आगे आने वाली तकलीफों में फायदा मिलेगा। महाराज जी ने कहा की *अभी यह तो कोरोना आप देख रहे हैं यह तो प्रकृति का ट्रेलर है आगे फिल्म अभी बाकी है*

 धरती पर पाप बहुत बढ़ गया है अतः अभी आगे बहुत अधिक मात्रा में प्राकृतिक प्रकोप बढ़ेंगे  चाहे वह किसी भी रूप में हो लोगों के पाप ओला और पत्थर के रूप में उन्हीं पर बरसेंगे।

 

इस छूत की बीमारी से बचने के लिए लोगों से उचित दूरी बनाए रखें। बहुत जरूरी हो तभी यात्रा करें। हाथ को साबुन पानी से धोते रहे ,अंदर बाहर की  सफाई रखना तथा सरकार द्वारा बनाया नियम का पालन करना जरूरी है।

 

जैसा कि सरकारी आदेश है कि भीड़ इकट्ठा नहीं होनी चाहिए।लोगों को भी नियम कानून का पालन करना है, इधर-उधर ज्यादा  भी भागदौड़ करने की जरूरत नहीं है।