बाङमेर की रूमा देवी को मानद डॉक्टरेट


जयपुर। सीमांत रेगिस्तानी इलाके की रूमा देवी को हस्तशिल्प क्षेत्र में आर्ट, टेक्सटाईल डिजाइन के विषयों पर उल्लेखनीय व सतत प्रयासों पर महात्मा ज्योति राय फूले विश्वविद्यालय जयपुर ने उन्हें डॉक्टरेट डाॅ. की मानद उपाधि प्रदान की। अचरोल जयपुर में विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय एवं निरीक्षक न्यायाधीश गोवर्धन बारदार के हाथों रूमा देवी ने यह उपाधि ग्रहण की।


इस दौरान रूमा देवी के कार्यो व प्रयासों पर एक वृत्त चित्र का प्रदर्शन भी किया गया । रूमा देवी ने इस अवसर पर कहा कि यह डिग्री ओर सम्मान में गांव की हर उन बहनों को समर्पित करती हूँ जो कठिन पारिवारिक श्रम के साथ अपने हुनर के जरिए स्वावलंबी बन रही हैं । ज्ञातव्य है कि रूमा देवी का कम उम्र में ही स्कुल छूट जाने के बाद अनेक संघर्ष पार कर हस्तशिल्प के जरिए देश ही नहीं विश्व भर में अपनी ओर कला की अलग पहचान कायम करने में सफल रही, जिसके फलस्वरूप पिछले वर्ष महामहिम राष्ट्रपति नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं ।


कार्यक्रम में युनिवर्सिटी के चेयरपर्सन निर्मल पंवार , पद्मश्री सुंडाराम वर्मा, अतिरिक्त न्यायधीश राजेश महर्षि, विभूति, मनोज सोनी,
राजनारयण शर्मा सहित विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में उपाधि पा रहे विद्यार्थियों सहित गणमान्य शख्सियतें मौजूद रही।