भारतीय बंदरगाहों पर कोरोनावायरस का प्रभाव

नई दिल्ली। माल ढोने वाले जहाजों पर कोरोनावायरस का कोई प्रभाव नहीं है। हालांकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार विदेश से आने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रूज जहाजों को 31 मार्च 2020 तक भारतीय बंदरगाहों पर आने की अनुमति नहीं है।


 जहाजरानी मंत्रालय ने समय-समय पर सभी बंदरगाहों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं, जिसमें नाविक या क्रूज यात्रियों के लिए स्क्रीनिंग, डिटेक्शन और क्वारंटाइन प्रणाली लगाना, आने वाले चालक दल के सदस्यों/यात्रियों से अपना घोषणापत्र प्राप्त करना, थर्मल स्कैनर्स स्थापित करना, निजी सुरक्षा उपकरण, एन-95 मास्क की खरीद, बंदरगाहों पर यात्रियों और बंदरगाह के अधिकारियों के बीच जागरूकता पैदा करना शामिल है। इसके अलावा, जहाजरानी मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाले प्रमुख बंदरगाहों ने बीमारी की निगरानी/जहाज और चालक दल/यात्री प्रबंधन के लिए एसओपी का गठन, बंदरगाह के प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर जाने के दौरान थर्मल स्कैनिंग, बंदरगाह के अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड्स, इलेक्ट्रॉनिक/प्रिंट मीडिया/बंदरगाह ट्रस्ट के एलईडी डिस्प्ले बोर्डों और बंदरगाह के अस्पताल में डिस्प्ले के माध्यम से आईईसी गतिविधियां जैसे कई कदम उठाए हैं।


स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार बंदरगाहों पर आने वाले जहाजों और चालक दल के सदस्यों/यात्रियों की जांच की स्थिति निर्धारित प्रारूप में इकट्ठा की जा रही है और प्रतिदिन कैबिनेट सचिवालय के ई-समीक्षा पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। दैनिक आधार पर मंत्रालय में घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। 18 मार्च 2020 की तारीख तक 559 जहाजों के 25394 यात्रियों/चालक दल के सदस्यों की जांच की गई है। बंदरगाह के अस्पतालों को आइसोलेशन वार्ड के साथ तैयार रखा गया है।


जहाजरानी राज्य मंत्री (आई/सी) मनसुख मांडविया ने राज्य सभा में आज एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।