जयपुर मेट्रो द्वारा आपातकाल स्थिति में यात्री सुरक्षा के लिए अपने भूमिगत  स्टेषनों व टनल पर की मॉक ड्रिल। 

 


जयपुर। जयपुर मेट्रो के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के 152 सदस्यई दल ने मेट्रो पुलिस के साथ भूमिगत सुंरग में आपातकाल स्थिति में ट्रेन से यात्रियों को सुरक्षित रूप से नजदीक के भूमिगत स्टेषन छोटी चौपड़़ पर ले जाने की मॉक ड्रिल की। 



इस दौरान ट्रेन ऑपरेटर ने यात्रियों को उद्घोषणा के माध्यम से आपातकाल स्थिति बताई कि ट्रेन के पीछे वाले कोच में आग लग गई है, यात्री अपने बचाव हेतु सबसे आगे वाले कोच में आ जाये और आगे वाले कोच के साथ लगे रैम्प की सहायता से टनल में बने वॉक वे पर चलकर दूसरी टनल में जाने हेतु बने क्रॉस पैसेज का उपयोग कर निकटतम छोटी चौपड़ स्टेशन प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। इसमें कुल 15 मिनट का समय लगा। स्टेशन पर यात्रियों को सम्पूर्ण सहायता प्रदान की और सभी 152 यात्रियों की गणना कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। इस मॉक ड्रिल में कोई भी यात्री चोटिल नही हुआ और यह जयपुर मेट्रो आपदा प्रबंधन नियमावली पुस्तिका में वर्णित दिषा-निर्देषों के तहत् की गई थी। 



ठीक इसी प्रकार भूमिगत मेट्रो स्टेशनों (छोटी चौपड़ और बड़ी चौपड़) के प्लेटफार्म पर आग लगने की स्थिति में मेट्रो यात्रियों को ट्रेन से निकाल कर सुरक्षित स्थान (रोड़ सतह) पर ले जाने की मॉक ड्रिल भी की गई। छोटी चौपड़ की मॉक ड्रिल में 5 मिनिट तथा बड़ी चौपड़ की मॉक ड्रिल में 6 मिनिट का समय लगा। 



जयपुर मेट्रो के अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेषक डॉ. समित शर्मा ने बताया कि जयपुर मेट्रो में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा कराने के उद्देष्य से इस मॉक ड्रिल के द्वारा कर्मचारियों एवं मेट्रो पुलिस को आपात स्थिति से निपटने में निपुण किया गया तथा इस प्रकार की मॉक ड्रिल कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने हेतु आगे भी की जाती रहेगी।