केन्द्र सरकार की गाइडलाइन फोलो करें, संदिग्ध रोगियों की पूरी स्क्रिनिंग हो - मुख्यमंत्री

कोरोना वायरस का संदिग्ध रोगी मिलने के बाद समीक्षा बैठक


 जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में कोरोना वायरस से निपटने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बचाव एवं रोकथाम के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की समीक्षा की।कोरोना वायरस के एक संदिग्ध रोगी इटली के नागरिक के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती होने एवं यहां किए गए टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद आयोजित इस समीक्षा बैठक में गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस वायरस के संबंध में केन्द्र सरकार की गाइडलाइन को पूरी तरह फोलो किया जाए और किसी भी व्यक्ति में इस वायरस से संबंधित कोई लक्षण नजर आए तो उसकी पूरी स्क्रिनिंग करवाई जाए।  


 उन्होंने कहा कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित करे कि कोरोना वायरस को लेकर जनता में किसी तरह का भय नहीं हो। विभाग पूरी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराए ताकि स्कि्रनिंग से लेकर इलाज में भी कोई कमी नहीं आए। इटली से आए इस संदिग्ध रोगी की ट्रेवल हिस्ट्री की जानकारी लेकर उन लोगों की स्कि्रनिंग की जाए, जिनसे यह व्यक्ति प्रदेश में अपनी यात्रा के दौरान सम्पर्क में आया है। उन्होंने कहा कि ऎसी व्यवस्था की जाए कि स्क्रिनिंग के दौरान अन्य किसी व्यक्ति में इस वायरस के लक्षण दिखाई दें तो उसे होम आईसोलेशन अथवा हॉस्पीटल में आईसोलेशन वार्ड में रखा जाए।


 


गहलोत ने सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी एवं वरिष्ठ चिकित्सों को निर्देश दिए कि स्क्रिनिंग एवं संदिग्ध रोगियों को आईसोलेशन में रखने के पुख्ता बंदोबस्त किए जाएं। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध रोगी 28 फरवरी को जयपुर पहुंचे 20 लोगों के इटली के समूह में शामिल था और इसी दिन रात को उसे फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया था। जहां से 29 फरवरी को उसे फोर्टिस सवाई मानसिंह चिकित्सालय लाया गया। यहां उसकी स्वाइन फ्लू एवं कोरोना वायरस से संबंधित जाचें की गई जिनका परिणाम नेगेटिव आया था। 


 


संदिग्ध रोगी के सोमवार को फिर से किए गए सैकण्ड स्कि्रनिंग टेस्ट में पॉजिटिव परिणाम आने के बाद उसे एसएमएस अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड के आईसीयू में रखा गया है और सभी तरह की सावधानियां बरती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मरीज का सैम्पल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे भेजा गया है। जिसकी रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। संदिग्ध रोगी के बारे में इटली के दूतावास को जानकारी दे दी गई है।


 


बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव  डी.बी.गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रोहित कुमार सिंह, चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया, सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी एवं एसएमएस अस्पताल के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक भी शामिल हुए।