मेवाड़ के चार धाम धार्मिक पर्यटन के रूप में विकसित हो- सांसद दीयाकुमारी
पर्यटन मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक में प्रताप सर्किट की मांग

 

राजसमन्द। सांसद दीयाकुमारी ने आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीपद नायक से मुलाक़ात कर उनसे राजसमंद लोक सभा क्षेत्र में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र स्वीकृत करने की मांग करते हुए कहा कि सरकारी तंत्र के माध्यम से प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को घर घर पहुँचाना चाहिये। वर्तमान परिवेश में जब पूरे विश्व में कोरोना जैसी बीमारी फैल रही है, इसका एकमात्र उपाय शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। हमारे भारत की योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति इसके अंदर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।

बातचीत के दौरान सांसद  दीयाकुमारी ने केंद्रीय आयुष मंत्री को राजसमंद में होने जा रहे योग मेले में मुख्य अतिथि के रूप में आने का निमंत्रण देते हुए आयुष हॉस्पिटल हेतु शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन देने पर  धन्यवाद  ज्ञापित किया।

मीडिया संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने बताया कि मंगलवार को संसद सत्र और दिनभर चली बैठकों के दौर के बाद रात्रि 8 बजे पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक केंद्रीय मंत्री और समिति के सभापति प्रहलाद पटेल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। 

बैठक में महत्वपूर्ण सुझाव रखते हुए समिति की सदस्य सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि राजसमंद ऐतिहासिक स्थलों की वीर भूमि है जहां हल्दीघाटी, दिवेर और कुंभलगढ़ का विश्व प्रसिद्ध किला है जो वीरता और बलिदान का चश्मदीद गवाह है। महाराणा प्रताप से जुड़े इन सभी महत्वपूर्ण स्थानों को आपस में सम्बद्ध कर प्रताप सर्किट विकसित करना चाहिए।

सांसद ने कहा कि एकलिंगजी, श्रीनाथजी, श्रीद्वारकाधीश जी और श्रीचारभुजा जी के रूप में मेवाड़ में चारधाम स्थित है जिनका धार्मिक पर्यटन के रूप में विकास होना चाहिए। चारभुजाजी से भटेवर वाया हल्दीघाटी  राष्ट्रीय राजमार्ग 162E सड़क के चौड़ीकरण की भी सिफारिश करते हुए सांसद ने कहा कि इस मार्ग से पूरा मेवाड़ और पर्यटक लाभान्वित होंगे।

भारतीय पुरातत्व विभाग को स्मारक के आसपास के क्षेत्र में शौचालय, कैफे, साउंड और लाइट शो जैसी सुविधाओं के निर्माण की अनुमति देनी चाहिए। जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।