फ्यूल सरचार्ज के नाम पर उपभोक्ताओं पर 475 करोड़ का अतिरिक्त बोझ  - राजेन्द्र राठौड़

जयपुर राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश में बिजली दर बढ़ोतरी के बाद फ्यूल सरचार्ज के नाम पर विद्युत उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालने का मुद्दा उठाया। सदन में उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिजली की दरें नहीं बढ़ाने की बात करने वाली कांग्रेस सरकार ने फरवरी माह में बिजली दरों में 15-20 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। ये स्याही अभी सूखी ही नहीं थी कि एक बार फिर कांग्रेस सरकार ने राज्य के 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से 475 करोड़ रु वसूलने के लिए फ्यूल सरचार्ज का झटका दे दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद हर उपभोक्ता को 30 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त राशि अप्रैल माह से देनी होगी इससे आम उपभोक्ता पर 150 से 1200 रु तक का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा ।


उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि विधानसभा का सत्र चल रहा है और ये सर्वस्थापित मान्यता और परंपरा रही है कि ऐसे निर्णय के लिए विधानसभा को इन्हें सूचित करना चाहिए था।पिछले वर्ष अक्टूबर से दिसंबर के बीच 2.45 रु प्रति यूनिट बिजली खरीद की दर तय की गई थी, लेकिन 2.71 रु प्रति यूनिट की दर से खरीदी की गई है। डिस्कॉम को 26 पैसे प्रति यूनिट की जो हानि हुई और सरकार छीजत नहीं रोक पायी उसका भार राज्य के 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं पर लादा जा रहा है। प्रदेश की जनता महंगाई की इस दोहरी मार का माकूल जवाब देगी और कांग्रेस सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।