राजस्थान व गुजरात की सीमा पर बसे गांवों का किया जाएगा सीमांकन - राजस्व मंत्री
 

 

जयपुर। राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने शनिवार को विधानसभा में कहा कि राजस्थान व गुजरात की सीमा पर बसे गांवों के सीमा संबंधी विवाद के समाधान के लिए दोनों राज्यों की सेटलमेंट टीम द्वारा शीघ्र सर्वे करवाया जाएगा तथा सर्वे के बाद पत्थरगढ़ी कर सीमांकन की प्रक्रिया की जाएगी। 

 

चौधरी में विधायक श्री बाबूलाल (झाड़ोल) की ओर से इस संबंध में रखे गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुये कहा कि राजस्थान-गुजरात सीमा पर विधानसभा क्षेत्र झाड़ोल की तहसील कोटड़ा के 6 गांवों में सीमा संबंधी विवाद है। विवाद को हल करने की दिशा में 11 दिसम्बर 2019 को दोनों राज्यों की सेटलमेंट टीम का गठन किया गया है। टीम द्वारा इसमें से एक गांव नयाबास बनाम ग्राम हेमलिया, गुजरात का सर्वे करवा कर सेटलमेंट किया जा चुका है। साथ ही एक अन्य ग्राम गरणवास, राजस्थान बनाम ग्राम खोखरा, गुजरात प्रकरण में सर्वे का काम शीघ्र शुरू किया जाएगा। 

 

उन्होंने बताया कि कोटडा तहसील के अन्य 4 गांवों, मण्डवाल बनाम ग्राम डेडकिया गुजरात, झाझर बनाम ग्राम आंजनी गुजरात, झेर बनाम ग्राम खारीबेरी, गुजरात तथा गांव महाड़ी बनाम ग्राम मथासरा, गुजरात में सर्वे का काम अंतिम चरण में है। 

 

इससे पहले चौधरी ने इस संबंध में अपने लिखित वक्तव्य में बताया कि राजस्थान-गुजरात सीमा विवाद से सम्बन्धित विधानसभा क्षेत्र झाड़ोल की तहसील-कोटड़ा के जो 5 प्रकरण हैं उनमें पहला प्रकरण ग्राम-मण्डवाल तहसील-कोटड़ा (राजस्थान) बनाम ग्राम डेडकिया तहसील-खेडब्रह्मा (गुजरात), दूसरा ग्राम-झाझर तहसील-कोटड़ा (राजस्थान) बनाम ग्राम-आंजनी, तहसील-खेडब्रह्मा (गुजरात), तीसरा ग्राम-झेर, तहसील-कोटड़ा (राजस्थान) बनाम ग्राम-खारीबेरी, तहसील-खेडब्रह्मा (गुजरात), चौथा ग्राम-महाड़ी, तहसील-कोटड़ा (राजस्थान) बनाम ग्राम-मथासरा, (गुजरात), पांचवा ग्राम-गरणवास, तहसील-झाडोल राजस्थान बनाम ग्राम-खोखरा (गुजरात) तथा छठा ग्राम-नयाबास, गांधी सरणा तहसील-कोटडा बनाम ग्राम-हेमलिया (गुजरात) है।

 

उन्होंने बताया कि इन 6 प्रकरणों में क्रम संख्या1 से 5 में दोनों राज्यों के राजस्व नक्शों में ओवरलेपिंग की समस्या है। राजस्थान सरकार द्वारा सीमा विवाद के निस्तारण के सम्बन्ध में प्रदत्त निर्देशानुसार सीमा विवाद निस्तारण के लिए दोनों राज्यों का संयुक्त सर्वे दल का गठन कर मौके पर सर्वे किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। आयुक्त, भू-प्रबन्ध विभाग, राजस्थान जयपुर के पत्रांक 2326 दिनांक 11 दिसम्बर 2019 से राजस्थान राज्य की ओर से गठित सर्वे टीम और गुजरात राज्य की सर्वे टीम द्वारा संयुक्त सर्वे कार्य 3 फरवरी 2020 से 7 फरवरी 2020 तक किया जाकर प्रकरण संख्या 1 से 3 में ओवरलेपिंग भूमि की शिनाख्त कर ली गई है एवं समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। 

 

चौधरी ने बताया कि  प्रकरण संख्या 4 के निस्तारण के क्रम में दोनों राज्यों की सर्वे टीमों द्वारा संयुक्त सर्वे किया गया, जिसमें ओवरलेपिंग रकबे के खातेदारों को आपसी सहमति से समायोजन करना तय हुआ। सर्वे दल के प्रस्तावित समायोजन की सम्बन्धित खातेदारों एवं मौत विरान की सहमति एवं मौके की जानकारी करा निस्तारण की कार्यवाही की जा रही है।

 

उन्हाेंने बताया कि प्रकरण संख्या 5 सर्वे के लिए संयुक्त टीम तहसील-कोटड़ा के प्रकरणों के कार्य सम्पादन उपरान्त इस प्रकरण का सर्वे कार्य कर कार्य सम्पादित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि  प्रकरण संख्या 6 निस्तारण के क्रम में उपखण्ड अधिकारी-कोटड़ा द्वारा संयुक्त सर्वे दल के निर्णय अनुसार दिनांक 13 नवम्बर 2019 को आदेश जारी कर विवाद का निस्तारण कर दिया गया है, अब इस सम्बन्ध में कोई विवाद नहीं है।