सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज मानसरोवर क्षेत्र की सभी शिकायतों का निस्तारण - नगरीय विकास मंत्री
जयपुर। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने गुरुवार को विधान सभा में कहा कि जनसंपर्क पोर्टल पर मानसरोवर क्षेत्र में अवैध निर्माण तथा अतिक्रमण करने के सम्बन्ध में दर्ज कराई गई सभी शिकायतों का नगर निगम द्वारा निस्तारण कर दिया गया है। 

 

धारीवाल ने प्रश्नकाल के दौरान विधायकों की ओर से इस सम्बन्ध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए बताया कि मानसरोवर कॉलोनी हाउसिंग बोर्ड के द्वारा बनाई गई थी तथा बाद में इसे नगर निगम को सुपुर्द कर दिया गया। मानसरोवर क्षेत्र जयपुर विकास प्राधिकरण के अधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क पोर्टल के माध्यम से नगर निगम मानसरोवर क्षेत्र में अवैध निर्माण की 17 शिकायतें तथा अतिक्रमण की 20 शिकायतें मिली है जिनमें सभी का निस्तारण किया जा चुका है। 

 

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के 20 मामलों में से एक मामले में विवरण अस्पष्ट पर होने पर कार्रवाई नहीं हुई तथा 19 को निस्तारित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण के 17 मामलों में से 8 मामलों में निर्माण रुकवाया गया, 4 को नोटिस, एक शिकायत तथ्यहीन एवं 4 मामलों में पता अस्पष्ट था। पोर्टल पर निस्तारित उक्त समस्याओं में अवैध निर्माण के 14 तथा अतिक्रमण की 14 शिकायतों के परिवादी असन्तुष्ट होकर पुनर्विचार के लिए आग्रह किया गया था। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क पोर्टल पर शिकायतों के निस्तारण से असन्तुष्ट होने पर मुख्यमंत्री को नहीं भेजा जाता जबकि इन परिवेदनाओं का पुनः प्रकरण की समीक्षा विभागाध्यक्ष के स्तर पर की जाती है।

 

इससे पहले धारीवाल ने विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि जयपुर विकास प्राधिकरण में जनसंपर्क पोर्टल के माध्यम से आने वाली जनसमस्याओं व शिकायतों के निस्तारण के लिए सरकार द्वारा समय सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने राजस्थान जन सम्पर्क पोर्टल के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश क्रमांकः प.5(64)नविवि/सम्पर्कराज./2016/पार्ट-2 दिनांक 28 जुलाई, 2017 की प्रति सदन के पटल पर रखी। उन्होंने बताया कि मानसरोवर क्षेत्र जयपुर विकास प्राधिकरण के क्षेत्रधिकार में नहीं है। 

 

उन्होंने बताया कि निर्धारित समयावधि में समस्याओं/शिकायत का निस्तारण प्राथमिकता के साथ नियमानुसार विधि सम्मत रूप से किया जाता है। निर्धारित समयावधि में समस्याओं का निस्तारण करने हेतु विभाग के पत्र क्रमांकः प.5(64)नविवि/सम्पर्कराज./2016/पार्ट-2 दिनांक 28 जुलाई, 2017 के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाती है।