कोरोना सम्बन्धी सभी व्यवस्थाओं की क्लोज माॅनिटरिंग करें अधिकारी: जिला कलक्टर

षहर में स्क्रीनिंग, भोजन वितरण, सेनेटाइजेषन, होम एवं इंस्टीट्यूषनल क्वारेंटाइन व्यवस्था, लाॅकडाउन की समीक्षा, श्रमिक शेल्टर होम्स में पुख्ता व्यवस्थाएं बनाए रखने के निर्देष, सभी होम क्वारेंटाइन लोगों के मोबाइल पर राजकोविड इनफो एप डाउनलोड कराया जाएगा


जयपुर। जिला कलक्टर डाॅ.जोगाराम ने जयपुर शहर में कोरोना संक्रमण को रोकने, जरूरतमंदों को राषन सामग्री के वितरण, सोषल डिस्टेंसिंग एवं लाॅकडाउन पालना के काम में लगे जिला प्रषासन एवं अन्य विभागों के अधिकारियों को इन सभी व्यवस्थाओं की क्लोज माॅनिटरिंग करने के निर्देष दिए हैं। उन्होंने शहर में विभिन्न जोन एवं थानावार लगाए गए राज्य प्रषासनिक सेवा के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर ये निर्देष दिए।


जिला कलक्टर ने कहा कि जिला प्रषासन की ओर से शहर में कोरोना सम्बन्धी हर प्रकार की व्यवस्था में लगे अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्य को गंभीरता से लेते हुए फील्ड विजिट पर रहकर दायित्वों को पूरा करें। उनको सौंपे गए क्षेत्र में जरूरतमंदों को तैयार भोजन सामग्री, राषन किट के वितरण, क्षेत्र में स्क्रीनिंग की स्थिति, कोरोना पाॅजिटिव लोेगों की संख्या, क्वारेंटाइन किए गए लोगों एवं क्वारेंटाइन सेंटर्स की व्यवस्थाओं, होम क्वारेंटाइन में रह रहे लोगों की स्थिति पर उनकी नजर बनी रहनी चाहिए।


डाॅ.जोगाराम ने कहा कि हर जरूरतमंद को तैयार या सूखी राषन सामग्री मिलनी चाहिए। लेकिन अगर कोई सक्षम व्यक्ति इस व्यवस्था का दुरूपयोग करता मिले तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। एनएफएसए से वंचित एवं सर्वे एवं प्रथम दृष्टया जरूरतमंद को भी सूखी राषन सामग्री उपलब्ध कराई जानी है। उन्होंने कहा कि जिले में चल रहे विभिन्न श्रमिक शैल्टर होम्स में श्रमिकों के भोजन, चिकित्सा, मनोरंजन आदि का पूरा ध्यान रखा जाए एवं साथ ही उनको सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास जारी रहें।


जिला कलक्टर ने होम क्वारेंटाइन में रह रहे सभी लोगों के स्मार्ट फोन पर राजकोविड इनफो एप डाउनलोड कराने के भी अधिकारियों को निर्देष दिए। इससे उनकी माॅनिटरिंग आसान होगी। उन्होंने निर्देषित किया कि क्वारेंटाइन में रह रहा व्यक्ति कोरोना जांच में नेगेटिव आ जाए एवं उसे क्वारेंटाइन अवधि में 14 दिन या अधिक हो चुके हैं तो उसे मेडिकल प्रोटोकाॅल के अनुसार क्वोरेंटाइन से मुक्त कर दिया जाए। इसके लिए सैम्पल रिपोर्ट नेगेटिव आने पर त्वरित सूचना के लिए सम्बन्धित को निर्देर्षित किया।


जिला कलक्टर ने क्षेत्रवार स्क्रीनिंग की स्थिति की समीक्षा की एवं धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर अधिक प्रयास करने के निर्देष दिए। इस कार्य में जनसहयोग के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहायता लेने एवं पुलिस की सहायता लेने के अधिकारियेां को निर्देष दिए। उन्होंने मुहाना मंण्डी में सोषल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक एवं पुलिस जाप्ता उपलब्ध कराए जाने के भी निर्देष दिए।


जिला कलक्टर ने कहा कि शहर में कोरोना के मामले स्थान विषेषों पर ही केन्द्रित हैं। बाहरी क्षेत्रों में जो मामले मिले हैं उनका जुड़ाव भी इन्हीं स्थानों से जुडे़ लोगों से है। इसलिए ऐसा नहीं है कि जयपुर में कोराना बाहरी क्षेत्रों में फैल रहा है। उन्होंने सभी अधिकारियों से लाॅकडाउन 2 की सभी गाइडलाइनों की पूरी जानकारी रखने के लिए भी कहा ताकि उसी के अनुरूप दुकानों को खोले जाने एवं अन्य व्यवस्थाओं के सम्बन्ध में कार्यवाही की जा सके।


नगर निगम के आयुक्त वी.पी.सिंह ने कहा कि शहर में कहीं भी सेनेटाइजेषन की आवष्यकता होने पर सम्बन्धित क्षेत्र के जोन उपायुक्त से सम्पर्क किया जा सकता है। इसके अलावा सूखे राषन सम्बन्धी सभी षिकायतों का त्वरित निस्तारण आवष्यक है। यदि षिकयतकर्ता पात्र नहीं है तब भी इस बारे में जानकारी देतु हुए षिकायत या मांग का निस्तारण जरूरी है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रथम इकबाल खान, द्वितीय पुरूषोत्तम शर्मा, तृतीय राजेन्द्र कविया, चतुर्थ अषोक कुमार, ईस्ट राजीव पाण्डे, उत्तर बीरबल सिंह एवं जिला प्रषासन एवं विभागों के फील्ड अधिकारी शामिल हुए।