कोरोना से मध्यमवर्ग परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट: विप्र फाउंडेशन

ईडब्ल्यूएस को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोडऩे की मांग, विप्र फाउंडेशन की मांग पर सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. जोशी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


जयपुर। कोरोना महामारी के कारण आमजन पर आए संकट को देखते हुए सरकारी मुख्य सचेतक डॉ. महेश जोशी ने मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत से ईडब्ल्यूएस के पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ दिए जाने की मांग की हैं। 
डॉ. जोशी ने विप्र फाउंडेशन की इस संबंध में की गई मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है जिसमें कहा है कि कोरोना वायरस के कारण आई वैश्विक आपदा ने मध्यम वर्ग के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। लॉकडाउन के कारण रोजगार से महरूम हुए आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बड़ी संख्या में ऐसे परिवार है, जिन्हें किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ नहींं मिल रहा। इन परिवारों के लिए दो समय का भोजन जुटाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए इन्हें भी राष्ट्रीय सुरक्षा योजना से जोड़कर संबल दिया जाना चाहिए। 
डॉ.जोशी ने विप्र फाउंडेशन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र को संलग्न करते हुए आग्रह किया है कि राज्य सरकार की ओर से केन्द्र सरकार से भी ईडब्ल्यूएस के पात्र परिवारों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में शामिल करने की मांग की जाए, ताकि कोरोना संकट के कारण मुसीबत का सामना कर रहे इन गरीब परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बड़ी संख्या में ईडब्ल्यूएस के पात्र  परिवार ना तो बीपीएल में शामिल है और ना ही किसी अन्य योजना के माध्यम से उन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल रही हैं 
मुख्य सचेतक ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए विप्र फाउंडेशन की ओर से देशभर में चलाए गए मास्क वितरण अभियान की सराहना करते हुए कहा है कि अकेले राजस्थान में लाखों मास्कों का वितरण किया गया है। उन्होंने विप्र फाउंडेशन की ओर से ब्राह्मणों के साथ ईडब्ल्यूएस श्रेणी में आने वाले सभी वर्गों के लिए रखी गई मांग को सामाजिक समानता की दिशा में अनुकरणीय पहल बताया है। उन्होंने कहा कि सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना के साथ विप्र फाउंडेशन ने यह मांग रखी है। इस भावना से ही हम प्रदेश और राष्ट्र को संकट से उबार सकते हैं।  
विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रभारी श्री आर.के.ओझा ने बताया कि फाउंडेशन मध्यम वर्ग के गरीब परिवारों के सामने आए राशन-पानी के इस संकट को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा रहा है ताकि ईडब्ल्यूएस पात्र लोगों की आवाज पर उचित निर्णय हो और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अथवा उन्हें किसी प्रकार का विशेष पैकेज मिल सके।