कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम में हर स्तर पर रखें कड़ी निगरानी, राहत कार्यों पर भी दें विशेष ध्यान- टीएडी मंत्री 
जयपुर। राज्य के जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्यमंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ने शुक्रवार को बांसवाड़ा जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम तथा लॉकडाउन के दौरान किये जा रहे राहत एवं उपाय और की जा रही व्यवस्थाओं के तहत आमजन की जरूरतों को पूरा करने के लिए किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की।

 

टीएडी मंत्री बामनिया ने सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, लॉकडाउन की पूरी कड़ाई से पालना करवाने, राज्य सरकार के निर्देशों की पालना करने, जरूरतमंदों के लिए किये जा रहे प्रबंधों को और मजबूत करने के निर्देश दिये।

 

मंत्री बामनिया ने बांसवाड़ा जिलेभर में की जा रही तमाम व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने खासकर कुशलगढ़ कस्बे में सील किये गये वार्डों में पर्याप्त खान-पान सामग्री और जरूरत की वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान रखने हेतु निर्देशित किया और वार्डवासियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न आए इसके पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लॉकडाउन की स्थिति में सभी व्यवस्थाओं को सुचारू व सुदृढ़ रखा जाए। 

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा अनुरूप कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने खासतौर से गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले लोगों का विशेष ध्यान रखते हुए उनके लिए राशन-पानी के पुख्ता इंतजाम करने हेतु निर्देशित किया। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को कुशलगढ़ कस्बे में रसद विभाग का कन्ट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन राशन वितरण तथा वितरण की सूचना एवं पर्यवेक्षण करने के भी निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने गांवों सामुहिक कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिये।

 

बैठक में टीएडी मंत्री ने मरीजों की स्क्रीनिंग, आईसोलेशन, कारंटाईन सेवाओं आदि की जानकारी ली और कहा कि हर स्तर पर कड़ी निगरानी और उपयुक्त चिकित्सकीय प्रबंधों में कहीं कोई कमी नहीं आनी चाहिए। 

 

बैठक में बांसवाड़ा जिला कलक्टर कैलाश बैरवा ने कोरोना वायरस संक्रमण के बचाव व राहत के लिए की जा रही गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

 

बैठक में जिला पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ,जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोविन्द सिंह राणावत, नगरपरिषद के सभापति जैनेन्द्र त्रिवेद्वी आदि मौजूद थे।