पिछले एक माह से जयपुर ग्रामीण की 170 से अधिक शाखाएं सेवारत।

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सेवा कार्य न केवल नगरीय क्षेत्र में अपितु ग्रामीण क्षेत्र में भी अनेक स्थानों पर संघ की शाखाए विभिन्न प्रकार के सेवा कार्य कार्य कर रही है। बीलवा एवं चाकसू में प्रवासी श्रमिकों के शिविर में भोजन प्रतिदिन पहुँचाया जा रहा है। जामडोली शाखा में स्वयंसेवको द्वारा कुष्ठ आश्रम घाट के बालाजी गलताजी में सुखी भोजन सामग्री पहुंचाई गई।कोटपूतली शाखा द्वारा पिछले 30 दिनो में 62 हजार भोजन के पैकेट स्वयंसेवको द्वारा वितरित किए गए एवं प्रशाशन के निर्देशानुसार कुछ स्थानों पर चाय व अल्पाहार करवाया जा रहा है।वाटिका ग्राम में भोजन शाला चल रही है।


सांगानेर खंड में डॉ भीखाराम के नेतृत्व में गठीत टोली द्वारा काढ़ा एवं होम्योपैथिक दवा  बस्तियों में पिलाई जा रही है। गम्बीर रोगीयो को दवाईया भी पहुचाई जा रही है। प्रागपुरा में कार्यकर्ताओं द्वारा PPE के किट चिकित्सालय में भेंट किए गए। उल्लेखनीय है की सांभर में स्वयंसेवको ने पिछले माह 402 यूनिट रक्तदान किया।


जिला संघचालक दिनेश शर्मा ने बताया कि फुलेरा में लोगो को लोकडॉउन का पालन करवाने में स्वयंसेवको द्वारा प्रशासन का सहयोग किया गया। फुलेरा व सांभर क्षेत्र की शाखाओ ने पांच हजार मास्क व सेनेटाइजर की शीशियां वितरित की। इन्ही क्षेत्रो के थानों के सम्पूर्ण स्टाफ के लिए मास्क एवं सैनिटाइजर उपलब्ध करवाए गए। सह सेवा प्रमुख रामनिवास ने बताया कि दिव्यांग, निशक्तजन, विधवा एवं घुमन्तु आदि वंचित एवं अभावग्रस्त का पहले चयन किया जाता है उसके पश्चात सामग्री वितरण में इनको प्राथमिकता दी जाती है। बस्सी के निकट देव गाँव में स्वयंसेवक विक्रम के नेतृत्व में आसपास के गाँवो को भी सेनीटाईज्डड किया गया।रामनिवास ने स्वयं 1000 मास्क बनाकर आसलपुर में वितरित किए। मनोहरपुर में भी मास्क वितरण का कार्य उस समय किया गया जब बाजार में मास्क की किल्लत आ गयी थी।विराट नगर के स्वयंसेवको ने अब तक 9000 मास्क वितरित किए है। गोविंदगढ़, कालवाड एवं चोमू में गोवंश लिए चारे,पक्षीयों के लिए चुग्गा,परिंडे एवं बंदरो के लिए फल की व्यवस्था कर रहे है। विभाग प्रचारक विनायक राव की उपस्थिति में स्वच्छता सेनानियों का सम्मान किया गया एवं अनेक शाखाओं के द्वारा चिकित्सा कर्मी,पुलिस हॉकरों का भी अभिनंदन व सहयोग किया गया।


जयपुर जिला कार्यवाह महेन्द्र राजावत से जिले में सेवा कार्यो की आर्थिक व्यवस्था के बारे में पूछा गया तब उन्होंने बताया संघ का ग्राम विकास के कार्य का गाँव केशवपुरा के प्रत्येक घर पाँच-पाँच किलो अन्न का संग्रह किया गया। ऐसे में छोटे से छोटा सहयोग एवं आवश्यकता होने पर समाज के सभी वर्गों  भामाशाह,सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, व्यापारी एवं एनजीओ एवं विविध संघठनो के सहयोग से सेवा कार्य चल रहे है। हर प्रखंड स्तर पर स्वावलंबी रचना की ग्ई है।170 शाखाओं के  जयपुर जिले की सभी तहसीलों के 761 स्वयंसेवक साढ़े सात हजार से अधिक परिवारों तक सेवा पहुचा रहे है।