पुलिसकर्मियों में वितरित की ‘कलमकार’ पत्रिका
कलमकारों और जनसहयोग से अनेक जगहों पर नियमित पहुँच रहा है भोजन, दूध और बिस्कुट के पैकेट देने के साथ ही लॉकडाउन पालना की समझाइश

जयपुर। देश की अग्रणीय साहित्य संस्था एक ओर जहाँ वैश्विक आपदा से त्रस्त प्रवासी श्रमिकों, खानाबदोशों और गरीबे तबके के लोगों तक नियमित रूप से दोनों समय खाना, दूध और बिस्कुट के पैकेट पहुँचा कर अपने सामाजिक सरोकार निभा रही है, वहीं दूसरी ओर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को साहित्य के प्रति आकर्षित कर उनमें साहित्यिक रूझान बढ़ाने का काम भी कर रही है। गुरूवार को संस्था की ओर से शिप्रा पथ, जवाहर सर्किल, सांगानेर, प्रताप नगर थाना इलाकों में चैक पोस्ट्स पर तैनात यातायात और थाने के पुलिसकर्मियों को देशभर के कलमकारों की पुरस्कृत और चयनित रचनाओं से सुसज्जित ‘कलमकार’ पत्रिका भेंट की। कुछ स्थानों पर साहित्य में रूचि रखने वाले साहित्यप्रेमी पाठकों को भी पत्रिका दी गई।


कलमकार मंच के राष्ट्रीय संयोजक निशांत मिश्रा ने बताया कि गत 27 मार्च से कलमकारों और जनसहयोग से संचालित अस्थाई रसोई के माध्यम से दिहाड़ी मजदूरों, खानाबदोश परिवारों और गरीब तबके के लोगों तक नियमित रूप से दोनों समय भोजन के पैकेट, दूध और बिस्कुट के पैकेट वितरित किये जा रहे हैं। इस दौरान देखने में आया कि विभिन्न चौराहों और अन्य चैक पोस्ट्स पर मुस्तैदी से तैनात पुलिसकर्मी अपनी लंबी ड्यूटी को जिस तरह से अंजाम दे रहे हैं उससे इन्हें शारीरिक के साथ मानसिक थकान के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों में कलमकार पत्रिका वितरित की जा रही है जिससे अपनी ड्यूटी के दौरान अवसर मिलने पर पुलिसकर्मी इस पत्रिका का अध्ययन कर सकें और मानसिक तौर पर खुद को थोड़ा आराम दे सकें।


उन्होंने बताया कि देशभर में संस्था से अनेक पुलिस अधिकारी जुड़े हुए हैं जिनमें जयपुर ग्रामीण पुलिस की महिला अपराध शाखा के सहायक पुलिस आयुक्त सुनील प्रसाद शर्मा जिस प्रकार अपनी ड्यूटी के साथ-साथ अपनी कविताओं और गीत के माध्यम से जनता को जागरूक कर रहे हैं, वह मिसाल है और इसी को देखकर पुलिसकर्मियों में कलमकार पत्रिका वितरित करने का विचार आया।