राज्य के 323 औद्योगिक क्षेत्रोें में औद्योगिक गतिविधियों के संचालन की राह प्रषस्त: एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि जयपुर जिले के सभी 43 औद्योगिक क्षेत्रों सहित प्रदेष के 323 औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयोें के लिए औद्योगिक गतिविधियांे के संचालन की राह प्रषस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेष में अब केवल 17 औद्योगिक क्षेत्रों को कर्फ्यू ग्रस्त या अन्य सुरक्षा कारणों से अभी गतिविधियों के संचालन की अनुमति नहीं दी है।
एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी की पालना व आवष्यक सुरक्षा मानकों के साथ राज्य सरकार प्रदेष की औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के प्रयास में हैे। उन्होंने बताया कि शनिवार को जयपुर कलक्टर ने जयपुर म्यूनिसिपल एरिया के विष्वकर्मा, सीतापुरा, बाईस गोदाम, सुदर्षनपुरा,मानसरोवर, सरणा डूंगरी, जैतपुरा, बगरु, हीरावाला सहित सभी 43 औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों की निर्धारित मापदण्डों की पालना करते हुए काम शुरु करने की अनुमति प्रदान कर दी है। जोधपुर कलक्टर ने भी म्यूनिसिपल एरिया के 13 औद्योगिक क्षेत्रों को अनुमति देने के साथ ही जोधपुर के सभी औद्योगिक क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियांे के लिए खुल गए हैं। उन्होंने बताया कि टोंक में भी अनुमति दे दी गई है। जयपुर जिले में विषेष आर्थिक क्षेत्रों सेज, निर्यातोन्मुखी इकाइयों, फूड पार्कों, निजी पार्क और मसाला पार्क को भी अनुमति दे दी गई है। जोधपुर में 70 इकाइयों ने अनुमति प्राप्त कर ली है।
एसीएस उद्योग डॉ. अग्रवाल ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों को न्यूनतम श्रमिकों से कार्य करने, आवष्यक सुरक्षा मानकों यथा सोषल डिस्टेंस, मास्क लगाने, म्यूनिसिपल एरिया में परिसर में ही रहने, सेनेटाइजर व साबुन के उपयोग, स्वास्थ्य मानकों की पालना कराने संबंधित दिषा-निर्देषों व केन्द्र व राज्य सरकार की एडवाइजरी की पालना सुनिष्चित करनी होगी। उन्होंने बताया कि जिस तरह से औद्योगिक प्रतिष्ठान आगे आ रहे हैं उससे जल्दी ही प्रदेष में औद्योगिक गतिविधियां गति पकड़ सकेगी।
उद्योग आयुक्त श्री मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि उद्यमियों की मांग व सुविधा को देखते हुए ई पास व्यवस्था में अब 3 मई तक ऑफलाईन पास जारी करने के निर्देष जारी कर दिए गए हैं। पहले यह सुविधा 26 अप्रेल तक ही थी। इसी तरह से श्रम विभाग ने आदेष जारी कर श्रमिकों से 8 के स्थान पर 12 घंटें काम करवाने की अनुमति दे दी है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि राज्य में सभी जिलों में बड़ी इकाइयों द्वारा भी काम शुरु करने मंे रुचि दिखाई जा रही है और कई इकाइयों ने तो उत्पादन आरंभ भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी की भयावहता को देेखते हुए ही उद्यमियों की सुविधा के लिए मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता ने आदेष जारी कर रीको/उद्योग विभाग व लेबर डिपार्टमेंट का संयुक्त जांच दल गठित किया है ताकि एडवाइजरी की पालना सुनिष्चित कराई जा सकें। उन्होंने बताया कि उद्यमियों की आषंकाओं को निर्मूल बताते हुए कहा कि इस संबंध में केन्द्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है और राज्य सरकार ने भी साफ कर दिया है।
रीको एमडी श्री आषुतोष पेडनेकर ने भी वेब सेमिनार के माध्यम से सीआईआई प्रतिनिधियांे से चर्चा की और करीब 70 उद्यमियों से चर्चा करते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकना आवष्यक है वहीं अर्थ व्यवस्था को भी पटरी पर लाने की जरुरत है। उन्होंने उद्यमियों से औद्योगिक गतिविधियां आरंभ करने का आग्रह किया। वेब सेमिनार में सीआईआई राजस्थान चेप्टर के अध्यक्ष श्री विषाल वैद्य, निदेषक श्री नितिन गुप्ता रीको के पुखराज सैन और विधि अधिकारी श्री अजय गुप्ता भी उपस्थित रहे।