सर्तकता और सजगता से ही दी जा रही कोरोना को मात, भीलवाड़ा के बाद रामगंज में भी हो रहा तेजी से सुधार -चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अपने स्लोगन के अनुसार पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। सर्तकता के चलते भीलवाड़ा में कई दिनों से कोई पाॅजीटिव केस सामने नहीं आया है। वहीं दूसरा हाॅटस्पाॅट बना रामगंज भी पूरी तरह नियंत्रण में है और यहां भी पाॅजीटिव की संख्या में खासी गिरावट आई है।

डाॅ. शर्मा ने कहा कि प्रदेश में शनिवार 2 बजे तक 1282 पाॅजीटिव केस चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 183 लोग पाॅजीटिव से नेगेटिव हो चुके हैं और 93 लोगों को डिस्चार्ज भी कर दिया है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर प्रदेश में 49 जगहों पर कफ्र्यू लगाया हुआ है।  

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि रामगंज में जनसंख्या घनत्व के चलते नायला और महला में सरकार ने क्वारेंटाइन सेंटर विकसित किए हैं। यहां 12 से 15 हजार लोगों को क्वारेंटाइन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समझाइश के बाद वर्तमन में 1800 से ज्यादा लोग क्वारेंटाइन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। प्रदेश में  रैपिड टेस्टिंग किट भी आ गई हैं। उनका भी इस्तेमाल कर कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा।

चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को बनाया जाएगा मजबूत
डाॅ. शर्मा ने बताया  कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों सभी जिला कलेक्टर्स को 10 दिनों में सभी जिलों के चिकित्सा अधिकारियों से बैठक कर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं को मजबूत करने का खाका बनाने के निर्देश दिए हैं।  सभी अस्पतालो में  पर्याप्त वेंटिलेटर्स, आईसीयू, बैड, डायलेसिस, एक्स-रे की नवनीतम मशीन, सोनोग्राफी मशीन, पैथोलाॅजी की बेहतर लैब व अन्य आवश्यक सुविधाओं से लैस हो। सभी व्यवस्थाएं इतनी सुदृढ़ हो किसी भी मरीज को रैफर करने की जरूरत नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि 10 दिनों में आए सुझावों को किसी भी बजट से पूरा करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई बीमारी या महामारी में प्रदेशवासियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

सर्वजन के हित के लिए संकल्पित सरकार
चिकित्सा मंत्री ने प्रदेश के किसान की फसल समर्थन मूल्य पर बिक सके इसके लिए सरकार ने 400 जगहों पर 1500 लोगों को खरीद के अधिकार दिए हैं , ताकि कोई बिचैलिया इसका फायदा ना उठा सके। सरकार ने 31 लाख से ज्यादा लोगों के खाते में 2500-2500 रुपए भेजे हैं।   उन्होंने कहा कि राजस्थान पहला ऐसा राज्य है जहां बेसहारा और निराश्रित लोगों का डाटा इकट्ठा कर उन्हें सरकार द्वारा जारी कल्याणकारी योजनाओं में स्थायी तौर पर जोड़ा जाएगा। प्रदेश में ऐसे करीब 1.5 लाख लोगों को चिन्हित किया गया है। कोरोना जैसी महामारी के बीच सरकार का ऐसा फैसला उन्हें संबल देने के लिए काफी रहेगा।