स्क्रीनिंग एवं क्वारेंटाइन के आंकडों के संबंध में राठौड भ्रम में ना रहें: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ रघु शर्मा ने भाजपा विधायक दल के उपनेता राजेन्द्र राठौड द्वारा स्क्रीनिंग एवं क्वारेंटाइन के आंकडों के संबंध में दिये गये बयान को भ्रामक बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री रहे श्री राठौड को किसी स्वास्थ्य विषेषज्ञ से़ कोरोना स्क्रीनिंग एवं कोरोना टेस्ट, एक्टिव व पैसिव सर्विलांस तथा क्वारेंटाइन बेड आइसोलेषन बेड एवं कोरोना पाॅजिटिव के लिये आरक्षित बेड का अंतर पता कर लेना चाहिये। इस अंतर की जानकारी प्राप्त करने के बाद सम्भवतः वे किसी भी प्रकार के भ्रम में नहीं रहेंगे।

डाॅ शर्मा ने कहा कि राजेन्द्र राठौड ने अपने वक्तव्य में यह दावा किया है कि वे मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं और ज्यादा समय तक स्वास्थ्य विभाग का कार्य देखा है। तो फिर क्या कारण रहे कि पूर्ववर्ती सरकार की मुख्यमंत्री ने उनके जैसे अनुभवषील व्यक्तित्व का लाभ पाॅच वर्ष तक राज्य की जनता तक नहीं पहुंचने दिया? वास्तविकता यह है कि उनका यह बयान सही जानकारी के अभाव में तथा राज्य सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम एवं कोरोना प्रभावित व्यक्तियों के उपचार की उत्तम व्यवस्थाओं से उत्पन्न हताषा का प्रतीक है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही डेली रिपोर्ट के आधार पर ही तथ्यात्मक बयान जारी किये जाते है। विभाग द्वारा प्रतिदिन प्रातः 9 बजे, दोपहर 2 बजे एवं सांय 9 बजे कोरोना के संबंध में वास्तविक रिपोर्ट जारी की जाती है एवं यह रिपोर्ट प्रतिदिन केन्द्र को भी भिजवाई जाती है। केन्द्र इन्हे संकलित कर राष्ट्रीय स्तर पर रिपोर्ट जारी करता है।

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि वर्तमान राज्य सरकार का एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री महोदय ने निरोगी राजस्थान अभियान का शुभारम्भ किया था और इस अभियान के क्रियान्वयन के लिये स्वास्थ्य कर्मियों के चयन व प्रषिक्षण का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया था। यह तैयारी कोरोना की रोकथाम के लिये उपयोगी साबित हुई। कोरोना की रोकथाम के लिये केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन की अक्षरश: पालना की जा रही है। केन्द्रीय विषेषज्ञों के दल ने प्रदेष में किये जा रहे कोरोना रोकथाम के कार्यों की सराहना की है।