स्वयंसेवक कर रहे अनथक अविरत सेवा

जयपुर।  वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते अडिग आत्मविश्वास व उत्साह से भरपूर स्वयंसेवकों द्वारा सेवा कार्य प्रतिदिन चल रहा है, इस समय संघ के स्वयंसेवक समाज की हर आवश्यकता की पूर्ति करने का प्रयास कर रहे हैं।पिछले 5 दिनों के सेवा कार्यो की जानकारी देते हुए महानगर प्रचार प्रमुख अशोक शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर महानगर के स्वयंसेवकों द्वारा प्रशासन को सहयोग में 108 एंबुलेंस सेवा में कॉल अटेंड करने के लिए 13 स्वयंसेवक कॉल सेंटर 108 पर ड्यूटी कर रहे हैं।   अक्षय पात्र में 15 स्वयंसेवक भोजन बनाने में सहयोग कर रहे हैं। 


इसके साथ ही जयपुर डेयरी को भी स्वयंसेवक सहयोग कर रहे हैं, स्वयंसेवकों ने छात्रावासों का अवलोकन किया जिसमें पूर्वांचल के छात्र और छात्राएं त्रिपुरा मिजोरम के थे।  इनके पास राशन का अभाव निकला वहाँ उनको पानी और राशन की सहायता की गई।


इस समय मास्क की अनिवार्यता के कारण से मास्क की आवश्यकता सबसे अधिक अनुभव की जा रही है।  इसकी पूर्ति करने हेतु सेवा सदन में एवं एक स्वयंसेवक मोहित का पूरा परिवार प्रतिदिन सुबह से शाम तक मास्क बनाकर वंचित परिवारों और कॉलोनी वासियों की सेवा कर रहे हैं। मोहित मेहरा बताते हैं कि घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखकर ही मास्क बनाए जाते हैं। अब तक 2000 से अधिक मास्क बनाकर निर्धनों में बांटे जा चुके है, परिवार के सदस्यों और कुछ मित्रों सहित यह संकल्प है कि हमारी कॉलोनी में और झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोग कोरोना मुक्त रहें, स्वस्थ रहें। हमारी माताजी, बहने और कुछ मित्र मिलकर मास्क पूरी स्वच्छता के साथ बनाकर सेवा बस्ती में बांटते हैं।सिन्धी कैम्प व वैशाली नगर स्थित बजरंग शाखा के स्वयंसेवकों ने राजेंद्र नगर गंगा सागर कॉलोनी में केमिकल के छिड़काव से सैनिटाइज का कार्य किया उल्लेखनीय है कि सेवाकार्य का व्यय भी शाखा के स्वयंसेवको ने ही किया।


इसी कड़ी में झोटवाड़ा व महावीर नगर तोपखाना शाखा क्षेत्र में श्रमिक व धुमुन्तु 400 परिवारों में सूखा राशन दिया गया है।मुरलीपुरा 7 न० रोड़.के बाबा भोमिया आश्रम से प्रतिदिन 600 परिवारों में दोनों समय भोजन जाता है उसके वितरण की  व्यवस्था स्वयंसेवको के पास है। बनीपार्क व गोपाल नगर में भी श्रमिकों को भोजन पैकेट दिए जाते हैं। महानगर सेवा प्रमुख धर्मगुरु राजेंद्रप्रसाद  ने बताया कि जयपुर के 29 नगरों के 183 स्थानों पर 1587 स्वयंसेवक सेवा कार्य में लगे हुए हैं।