आर्थिक पैकेज भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने की दिशा में ऐतिहासिक कदम - कर्नल राज्यवर्धन

जयपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लिए आर्थिक पैकेज के दूसरे दिन आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मजदूरों, किसानों, छोटे व्यवसायियों आदि के लिए की गई घोषणाओं का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री एवं वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गये 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज में कृषि ऋण में 3 माह की छूट देने, प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम देने, प्रवासी मजदूरों के प्रत्येक परिवार को दो माह तक राशन उपलब्ध करवाने, शहरों में प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते दामों पर अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाने सहित विभिन्न घोषणाएं निश्चित ही कोरोना काल में भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।


कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार दूसरे दिन आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत 20 लाख करोड़ रुपए की घोषणाओं के बारे में बताया जिसमें सरकार द्वारा की गई घोषणाओं में किसानो को कृषि ऋण में 3 महीने की छूट दी गई है जिससे देश के लगभग 3 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों को पिछले मार्च-अप्रेल में 86,600 करोड़ रुपए बांटे गए। 25 हजार रुपए की लिमिट वाले नए किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए। किसानों की फसल खरीदी के लिए 6,700 करोड़ और सहकारी ग्रामीण बैंकों के लिए 28,500 करोड़ रुपए की मदद भी दो महीने पहले दी गई थी।


कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को मनरेगा में काम दिया जा सके इसके लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं मनरेगा में मजदूरों को मिलने वाली राशि को बढ़ाकर अब 202 रुपए कर दिया गया है। इसके अलावा सभी प्रवासी मजदूर जिनके पास कोई कार्ड नहीं है उनके लिए दो महीने तक मुफ्त 5 किलो चावल अथवा गेहूं और 1 किलो चना हरेक परिवार को दिया जाएगा। देश में सभी मजदूरों के लिए कंपनी मालिकों को अब समान न्यूनतम वेतन देना होगा। वहीं कंपनी या उद्योग में यदि 10 से अधिक मजदूर काम करते हैं तो उन कंपनी या उद्योगों को ईएसआईसी कवरेज जरूरी होगा। साथ ही मजदूरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे और साल में एक बार हेल्थ चेकअप भी किया जाएगा।


कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि सरकार रेहड़ी वालों की मदद के लिए 5 हजार करोड़ रूपये की सहायता प्रदान करेगी इसमें स्ट्रीट वेंडर्स यानि रेहड़ी ठेले वालों को शामिल किया गया है। इन्हें प्रतिव्यक्ति 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार अब देश में वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम को लागू करेगी। इसका फायदा ऐसे गरीब लोगों को मिलेगा जो देश में एक जगह से दूसरी जगह रोजगार आदि के लिए स्थानांतरित होते रहते हैं। शहरों में प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ते दामों पर अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। इसे पीएम आवास योजना के साथ जोड़कर शुरू किया जा सकता है। वहीं उद्योगपति अपनी यूनिट के आसपास इस तरह की आवासीय योजना अपने मजदूरों के लिए विकसित करते हैं तो उन्हें इसका लाभ भी सरकार द्वारा दिया जाएगा।