अधिकतर मंडियों में हड़ताल का आह्वान प्रभावी नहीं रहा, किसानों की जिंसों की हुई सुचारू खरीद
जयपुर। राज्य की अधिकतर कृषि उपज मण्डी समितियों में कृषक कल्याण फीस के विरोध स्वरूप हड़ताल के आह्वान का प्रभाव नहीं रहा। किसानों की जिंसों की खरीद सुचारू ढंग से हुई।

      

कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव नरेशपाल गंगवार ने बताया कि बयाना, जैसलमेर, बालोतरा, इटावा, कपासन, रतनगढ़, झुन्झुनू, गुढ़ागौड़जी, मोहनगढ़, राववाला, राजलदेसर, बीदासर, सांडवा, स्वरूपगंज, पिण्डवाड़ा, रेवदर, आबूपर्वत, अनादरा, राशमी, आंवला और भोपाल सागर आदि मण्डियों में कृषि जिन्सों का नियमित व्यवसाय हुआ। हनुमानगढ़ व गंगानगर जिले की अनूपगढ़, गजसिंहपुर, घड़साना, जैतसर, केसरीसिंहपुर, पदमपुर, रायसिंहनगर, रावला, रिडमलसर, श्रीकरणपुर, भादरा, गोलूवाला, श्री विजयनगर, हनुमानगढ़, नोहर, पीलीबंगा, रावतसर, सादुलशहर, संगरिया, सूरतगढ़ व कोटा मण्डी में आढ़तियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की गई। राज्य की 8 मुख्य एवं 33 गौण मण्डियों में फल एंव सब्जी का नियमित व्यवसाय हुआ है। 

 

गंगवार ने बताया कि राज्य में 592 ग्राम सेवा एवं क्रय-विक्रय सहकारी समितियों को गौण मण्डी का दर्जा दिया गया है। इनमें से 348 समितियों द्वारा  कृषि जिन्सों का व्यवसाय प्रारम्भ कर दिया गया है। राजस्थान राज्य भण्डार व्यवस्था निगम के 93 वेयरहाउस को भी गौण मण्डी का दर्जा दिया गया है। इसके अतिरिक्त 157 निजी वेयर हाउस को गौण मण्डी का दर्जा दिये जाने की कार्यवाही की जा रही है। इसके अतिरिक्त 1817 अनुज्ञाधारियों को किसानों से उनकी कृषि उपज की सीधी खरीद के अनुज्ञापत्र जारी किए गए है। इन सभी उपयों से किसानों को उनके गांव के समीप ही उनकी कृषि उपज के विक्रय की सुविधा संभव हो रही है। किसानों के हित में राज्य सरकार द्वारा किये गये इन प्रयासों का किसानों द्वारा लाभ उठाया जा रहा है।  

                     

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा कृषकों के कल्याण के लिए कृषक कल्याण फीस का प्रावधान किया है। इस फीस का भार किसानों एवं व्यापारियों पर नहीं पड़ेगा। संकलित फीस की राशि से कृषक कल्याण के विभिन्न कार्य यथा समर्थन मूल्य पर खरीद के त्वरित भुगतान के लिए निधि की व्यवस्था, कृषि जिन्सों के बाजार भाव गिरने पर बाजार हस्तक्षेप योजना लागू किये जाने एवं कृषक कल्याण से संबंधित अन्य गतिविधियों के लिए किया जायेगा।