बाराँ में कोरोना योद्धा बनीं आशा सहयोगिनियाँ

जयपुर। राजस्थान के आदिवासी बहुल बारां जिले में आशा सहयोगिनियाँ कोरोना वारियर्स की भूमिका अदा करते हुए लोगों को इस महामारी के प्रति जागरूक करने के साथ ही मास्क बनाकर बांटने का काम कर रहीं हैं। जिले में कुल 1322 आशा सहयोगिनियाँ और 30 सुपरवाइजर आशा समन्वयक श्री धर्मेंद्र निर्विकार के नेतृत्व में इस महत्वपूर्ण कार्य को अंजाम दे रहीं हैं l


जिले भर में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए की जा रही स्क्रीनिंग और सर्वे में आशा सक्रिय योगदान कर रहीं हैं। इसके अलावा पारसनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से जन चेतना अभियान भी चलाया जा रहा है। माइकिंग के जरिये स्थानीय भाषा में अपने चिर-परिचित अंदाज में लोगों को कोरोना से बचने के उपायों और लॉक डाउन की पालना के फायदों के बारे में बताया जा रहा है।


इस अभियान के साथ-साथ मास्क की आवश्यकता को देखते हुए मास्क बनाने की मुहिम में भी आशा सहयोगिनियां बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं।  दानदाताओं से प्राप्त मुफ्त कपड़े से वे जरूरतमंद लोगों के लिए मास्क बना रहीं हैं। सर्वे कार्य के बाद आशा सहयोगिनियाँ मास्क की सिलाई में जुट जाती हैं। इस मुहिम के तहत अब तक जिले में 8000 से अधिक मास्क मजदूरों, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी वर्कर को दिये जा चुके हैं। जिले के क्वारेंटीन केन्द्रों पर भी मास्क वितरित किए जा रहे हैं।