गांव-ढाणियों की दूरी देखते हुए वाहनों से घर-घर पहुंचा रहे एनएफएसए का गेहूं, 1100 से अधिक डीलर्स, 1053 वाहनों एवं 24 सौ से अधिक नरेगा श्रमिकों के सहयोग से हो रहा है वितरण

जयपुर। कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सभी संभव उपाय करते हुए संकट के इस समय में जिला प्रषासन द्वारा जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में एनएफएसए सूची में शामिल परिवारों के प्रत्येक व्यक्ति को घर-घर जाकर राषन का गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। पात्र परिवारों के घर खेतों-ढाणियों में होने और कच्चे रास्तों के कारण यह चुनौती और बढ जाती है, लेकिन कई राषन डीलर्स अपने साधन से तो कुछ किराए के साधनों से इस कार्य को एक मुहीम की तरह पूरा कर रहे हैं। उनके इस प्रयास के साथ ही मुख्यमंत्री अषोक गहलोत की ‘‘ एक भी व्यक्ति भूखा नहीं सोए’’ की भावना भी साकार हो रही है।


जिला कलक्टर डाॅ.जोगाराम ने बताया कि जयपुर जिले में ग्रामीण क्षेत्र में करीब इस समय कुल पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) के अन्तर्गत 1100 से अधिक दुकानें संचालित हैं। इनमें जयपुर ग्रामीण में राषन के डोर-टू-डोर वितरण का कार्य 1053 वाहनों एवं 2436 मनरेगा श्रमिकों के सहयोग से किया जा रहा है। जयपुर ग्रामीण में राषनकार्ड धारी 1033550 परिवार हैं जिनमें से 655488 एनएफएसए सूची में शामिल हैं। राज्य सरकार ने कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए गेहूं मार्च के से ही निःषुल्क कर दिया था। साथ ही प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना में भी 5 किलो निःषुल्क गेहूं एनएफएसए पात्रों को प्रति परिवार प्रति व्यक्ति दिया जा रहा है।  मार्च एवं अपे्रल का गेहूं बट चुका है और मई का भी अधकाषं गेहूं वितरित किया जा चुका है।
जिला कलक्टर ने बताया कि पहले सोषल डिस्टेंसिंग के जरिए राषन दुकान पर गेहूं वितरण प्रारम्भ कराया गया, जब राषन की दुकानों पर भीड़ जुटने लगी तो इसके बाद फैसला लेकर नरेगा श्रमिकों की सहायता से भी गेहूं का घर-घर वितरण प्रारम्भ कराया गया। लेकिन जहंा दूरियां ज्यादा थीं और पात्र परिवार में सदस्यों की संख्या ज्यादा होने पर गेहूं की अधिक मात्रा के कारण वाहनों से परिवहन आवष्यक हो गया। कई राषन डीलर्स ने इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार करते हुए गेहूं घरांे तक अपने साधनों से वितरण प्रारम्भ कर दिया।


जिला रसद अधिकारी जयपुर ग्रामीण गोपाल सिंह के अनुसार डीलर्स भी पात्र परिवारों के आस-पास के निवासी होने के कारण व्यक्तिगत रूप से इन परिवारों के परिचित हैं और लाॅकडाउन के कारण काम-धंधे नहीं होने एवं उपज की बिक्री नहीं होने के कारण डांवाडोल आर्थिक स्थिति की भी उनको जानकारी है। ऐसे में सरकार की राषन के रूप में मदद उन परिवारों के लिए क्या मायने रखती है, यह इन डीलर्स को अहसास है।


लाॅकडाउन  से पहले मार्च के लिए 1 लाख 31 हजार एवं अप्रेल-मई के लिए 5 लाख 11 हजार 674 क्विंटल गेहूं का आवंटन
गोपाल सिंह ने बताया कि कोविड-19 की स्थिति से पूर्व जयपुर ग्रामीण में 22 मार्च 2020 से पहले माह मार्च 2020 के लिए कुल 1 लाख 31 हजार 481 क्विंटल गेहूं का आवंटन हुआ था जिसमें खाद्य सुरक्षा योजनान्तर्गत अन्त्योदय, बीपीएल एवं स्टेट बीपीएल राशन कार्ड धारियों को 1 रूपये प्रति किग्रा की दर से तथा एपीएल एवं अन्य श्रेणी को 2 रूपये प्रति किग्रा की दर से नियमानुसार गेहूं वितरण किया जा रहा था। लेकिन कोविड-19 को विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वैश्विक महामारी घोषित किये जाने पर भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के आधार पर 22 मार्च 2020 से प्रदेश में लाॅक डाउन की स्थिति उत्पन्न होने पर राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के निर्देश से अप्रेल एवं मई के नियमित एवं प्रधानमंत्री ग्रामीण अन्न कल्याण योजना के तहत खाद्य विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा कुल 5 लाख 11 हजार 674 क्विंटल गेहूं का आवंटन किया गया। जिला रसद अधिकारी जयपुर ग्रामीण के अन्तर्गत उठाव का आदेश जारी करने के उपरांत पीडीएस के माध्यम से 4 लाख 89 हजार 107 क्विंटल गेहूं का वितरण खाद्य सुरक्षा में चयनित 2 लाख 82 हजार 929 लाभार्थियों  को निःशुल्क कर दिया गया है।


मुख्यमंत्री के निर्देष पर 27 हजार 621 क्विंटल गेहूं का अतिरिक्त आवंटन
साथ ही प्रधानमंत्री ग्रामीण अन्न कल्याण योजना के गेहूं से वंचित रहे लाभार्थियों के लिये माननीय मुख्यमंत्री अषोक गहलोत के निर्देश पर खाद्य विभाग द्वारा 27 हजार 621 क्विंटल गेहूं का आवंटन और किया गया है जिसमें से कुल 8 हजार 197 क्विंटल गेहूं का वितरण खाद्य सुरक्षा के लाभार्थियों को कर दिया गया है एवं अन्य को किया जा रहा है। इसके साथ ही खाद्य विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में 19546.62 क्विंटल दाल का आवंटन किया गया है जिसका उठाव एवं निःशुल्क वितरण इन दिनों किया जा रहा है। जयपुर ग्रामीण में डोर-टू-डोर वितरण का कार्य 1102 पीडीएस द्वारा 1053 वाहनों एवं 2436 मनरेगा श्रमिकों के सहयोग से किया जा रहा है। 


घर-घर राषन वितरण के साथ जागरूकता भी...
संकट के इस समय में कई राषन डीलर अपने कार्य को मिषन की तरह कर रहे हैं। जयरामपुरा गांव के रामगोपाल शर्मा एक ऐसे ही डीलर हैं जो सुबह 9 बजे होते ही आस-पास की ढाणियों एवं गांव में राषन बांटने निकल पड़ते हैं। इनको पास स्वयं की पिकअप है, जिसमें राषन के गेहूं के कट्टे रखवाकर, तौलने की मषीन और मजदूरों को साथ लेकर पोस मषीन के साथ जाते हैं। खाद्य निरीक्षक जयराम गुर्जर बताते हैं कि रामगोपाल के पास दो गांवों में और आसपास की ढाणियों में करीब 2 हजार राषन कार्ड हैं और करीब 200 क्विंटल गेहूं ये हर माह पात्र व्यक्तियों को घर-घर जाकर वितरित करते हैं। इतना ही नहीं ये जिस गांव-ढाणी में जाते हैं कोरोना के संक्रमण के प्रति जागरूक करना नहीं भूलते और स्वयं भी मास्क पहनकर ओर सेनेटाइजर लेकर ही निकलते हैं।