गरीबों में खुद मास्क बना कर बाँट रहीं हैं आशा सहयोगिनियाँ


जयपुर। आम दिनों में गर्भवती महिलाओं की देखभाल, प्रसव और बच्चों के टीकाकरण के कार्य में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने वाली आशा सहयोगिनियाँ अब कोरोना वॉरियर्स के रूप में उभर रहीं हैं। ऐसे ही एक कोरोना वॉरियर है बाड़मेर जिले के सुभाष नगर की आशा सहयोगिनी शायरी बिश्नोई।

शायरी कोरोना वायरस से निपटने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा किए जा रहे घर-घर सर्वे अभियान में तो अपनी ज़िम्मेदारी निभा ही रही हैं, लेकिन उनके मन में आया कि इस महामारी से समाज को बचाने के लिए अपनी तरफ से भी कुछ किए जाने की आवश्यकता है। फिर क्या था – उन्होंने ड्यूटी से लौटने के बाद घर पर ही मास्क बनाने का काम शुरू किया और अगले दिन घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वे के दौरान उसे बांटना शुरू कर दिया।


कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे की भयावहता को भाँपते हुए लोगों को इससे सुरक्षा मुहैया कराने के लिये वे स्वयं के खर्चे से मास्क बनाकर उन्हें सर्वे के दौरान गरीबों में बांटती हैं। इसके साथ ही वे लोगों को घरों में ही रहने की अपील भी कर रही हैं। वे इस खतरनाक वायरस से निपटने में साबुन से हाथ धोने, होम आइसोलेशन, सोशियल डिस्टेंसिंग और अन्य सावधानियों के बारे में भी लोगों को जानकारी देती हैं।


एक सच्चे साथी के रूप में उनके पति मेडिकल व्यवसायी भजनलाल बिश्नोई भी इस पुनीत कार्य में उनका सहयोग कर रहे हैं। वे अपने मेडिकल स्टोर से निःशुल्क दवाइयाँ उपलब्ध कराते हैं जिसे उनकी पत्नी शायरी जरूरतमंदो में बांट देती हैं। बाड़मेर के आशा जिला समन्यवक राकेश भाटी ने बताया कि जिले में आशा कार्यकर्ताओ ने 21 हजार से ज्यादा मास्क बनाकर जरूरतमंदों को बांटे  हैं । साथ ही लोगों को लॉकडाउन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी घर घर जाकर समझा रही हैं।