जी.एन.एम. भर्ती 2018 में चयनित दिव्यागों तथा जी.एन.एम. व ए.एन.एम. के 12 हजार कार्मिकों को अतिशीघ्र नियुक्ति दी जाएं: राजेंद्र राठौड़

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष व चूरू विधायक श्री राजेन्द्र राठौड़ ने राज्य सरकार के अति. मुख्य शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर जी.एन.एम. भर्ती 2018 में चयनित हुए दिव्यांग नर्सेज को नियुक्ति देने व साथ ही जी.एन.एम. व ए.एन.एम. के करीब 12 हजार कार्मिकों की नियुक्ति देने की मांग की है।

उपनेता प्रतिपक्ष ने पत्र के माध्यम से बताया है कि विभाग द्वारा 28 अप्रैल 2020 को 4800 पदों पर जी.एन.एम. पोस्टिंग लिस्ट जारी की गई थी लेकिन दिव्यांगों को आरक्षित 4 प्रतिशत के आधार पर उन्हें अभी तक नियुक्ति नहीं मिल पायी है। कोरोना संकट के समय दिव्यांग भी सरकार की मदद कर सहयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा है कि वैश्विक महामारी कोरोना संकट को देखते हुए चिकित्सा विभाग 4800 पदों के 4 प्रतिशत के आधार पर 193 दिव्यांगों सहित जी.एन.एम. व ए.एन.एम. के करीब 12 हजार कार्मिकों को अतिशीघ्र नियुक्ति दें ताकि प्रदेश को कोरोना महामारी से शीघ्र मुक्त किया जा सकें।

चूरू के मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 की सेम्पल जांच में लापरवाही होना बेहद चिंताजनक


उपनेता प्रतिपक्ष ने राज्य के चिकित्सा विभाग को एक और पत्र लिखकर चूरू मेडिकल कॉलेज में शुरू की गई लैब में कोरोना सैम्पल की रिपोर्ट में देरी व लापरवाहियों के संबंध में जांच करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जहां एक ओर कोविड-19 के 10 हजार नमूनें प्रतिदिन जांच करने का दावा करती हैं वहीं 6 हजार से अधिक जांच 72 घंटे से अधिक लंबित होना बेहद चिंताजनक है। उपनेता प्रतिपक्ष ने समाचार पत्रों में इस तरह के मामले प्रकाशित होने पर अफसोस जताते हुए मेडिकल कॉलेज में उच्च स्तरीय अध्ययन दल भेजकर कार्यप्रणाली की जांच करवाये जाने की मांग की है।