जिला प्रशासन से मांगी मदद तो मुश्किल से उबरा राहुल
जयपुर। कोरोना आपदा के कारण लगाए गए लॉकडाउन के कारण यहां-वहां फंसे लोगों में से ही एक राहुल के लिए यह स्थिति जीवन-मरण का प्रश्न बन गई। इधर कम्पनी का दफ्तर बंद होने से पास में कोई काम नहीं और उधर पत्नी नौ माह की गर्भवती। पूरा परिवार गुड़गांव रहता है और महीनों से उन्होंने वहीं जाकर परिवार के पास ही डिलीवरी करवाने की प्लानिंग कर रखी थी। अचानक हुए लॉक डाउन के कारण वे अपने घर नहीं जा पाए।

 

लॉकडाउन की शुरूआत में उन्होंने सोचा कि कुछ ही दिन की बात है, कम्पनी का दफ्तर भी खुल जाएगा और वह प्लानिंग के अनुसार पत्नी को डिलीवरी के लिए गुड़गांव भी ले जा सकेगा। लेकिन एक के बाद एक लॉकडाउन बढता गया। पूरी परिस्थिति के कारण राहुल स्वयं बीमार पड़ गया और डिपे्रशन का शिकार हो गया। इस बैचनी में किसी तरह नम्बर लेकर उसने जिला प्रशासन से मदद मांगी। यहां 24 घंटे के कन्ट्रोल रूम पर फोन कर अपनी व्यथा बताई।

 

कन्ट्रोल रूम से यह जानकारी प्रभारी एसडीएम नॉर्थ ओम प्रभा तक पहुंची तो उन्होंने उसकी पूरी बात सुनी और पूरी संवेदनशीलता के साथ एक घंटे के भीतर उसका गुड़गांव जाने के लिए पास जारी करवाकर उसकी मुश्किल आसान की। राहुल उसकी बात सुनने और मुश्किल आसान करने के लिए जिला प्रशासन को धन्यवाद देते नहीं थक रहा। जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी-स्वयं सेवक हर जरूरतमंद को भोजन, चिकित्सा, राशन, बिजली जैसी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राऊंड द क्लॉक कार्य कर रहे हैंं।