कजाकिस्तान से आएं 140 राजस्थानी छात्र-छात्राएं, व्यवस्थाओं को देखकर बोले-‘‘रियली गुड‘‘

जयपुर। कजाकिस्तान से 140 प्रवासी राजस्थानी मंगलवार को एआई 1950 फ्लाइट से जयपुर पंहुचे। एसीएस उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि फ्लाइट में अधिकांष कजाकिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्रा थे। उन्होंने बताया कि भले ही आते ही संस्थागत क्वारंटाइन में रहना पड़ेगा पर अपनों के बीच आने की खुषी बच्चों के चेहरे पर साफ झलक रही थी। सरकार की एडवाइजरी और सुरक्षा प्रोटोकॉल की पालना कराते हुए उनके आते ही 20-20 की संख्या में थर्मल स्केनिंग, सोषल डिस्टेंसिंग की पालना कराते हुए मेेेडिकल चेक अप कराने, सीआईएसएफ अधिकारियों द्वारा लगेज कलेक्षन, कस्टम क्लयरेंस और सभी आवष्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर बसों के माध्यम से निर्धारित होटलोें में से उनके द्वारा चाही गई होटल तक पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि अपनी धरती पर आने का सुकून सभी बच्चों के चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।


डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि 35 छात्र-छात्राओं को संस्थागत क्वारंटाइन जयपुर विकास प्राधिकरण के क्वारंटाइन सेंटरों मेें निःषुल्क कराया गया है। उन्होंने बताया कि शेष छात्रों को उनके द्वारा चयनित होटलों में संस्थागत क्वारंटाइन के लिए भेजा गया है। एयर पोर्ट पर जयपुर डीसीपी इस्ट राहुल जैन, रीको के एडवाइजर इन्फ्रा राजेन्द्र शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर अषोक चौधरी, पर्यटन विभाग के उपनिदेषक उपेन्द्र सिंह शेखावत, डॉ. धनेष्वर के नेतृत्व में चिकित्सकों का दल, रीको के डीजीएम तरुण जैन आदि व्यवस्थाओं को चाक चोबंद करने में जुटे थे।


एयरपोर्ट के निदेषक जयदीप सिंह बल्हारा ने बताया कि एयरपोर्ट परिसर मेें फिल्म के माध्यम से सेनेटाइजर के उपयोग, बार बार हाथ धोने मास्क लगाने आदि सुरक्षा प्रोटोकाल की जानकारी देने की व्यवस्था की गई है वहीं आवष्यक जानकारियों की स्टेण्डियां तैयार कराकर प्रमुख प्रमुख स्थानों पर लगाई गई है।


कजाकिस्तान से आए बच्चों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज प्रषासन द्वारा समुचित व बेहतर व्यवस्थाएं थी और उन्हें हॉस्टल में ही सभी सुविधाएं सुलभ हो रही थी। कारमेडा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के सभी छात्र है। एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा राषि शर्मा बताया कि सरकार द्वारा हम बच्चों के लिए अक्ष्छे प्रयास किए गए है।अलवर मुण्डावर की रहने वाली एमबीबीएस प्रथम वर्ष की ही छात्रा अनिष्का चौधरी ने भावुक होते हुए कहा कि अपनों के बीच आने का अलग ही सुकुन होता है। अनुष्का ने बताया कि वहां सभी तरह की व्यवस्थाएं अच्छी थी पर मांता-पिता से मिलने का अलग ही सुख है। श्रीमाधोपुर के धीरज शर्मा ने बताया कि उनकी यात्रा सुविधाजनक रही है व इसके लिए वे सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। एमबीबीएस सेकण्ड इयर की छात्रा उर्वषी दाधिच के मुंह से अनायास ही यहां की व्यवस्थाओं को देखकर निकला ‘‘रियली गुड‘‘। एयरपोर्ट पर चाय, काफी, पानी आदि की भी निःषुल्क व समुचित व्यवस्था की गई। एयर पोर्ट पर बीएसएनएल सीम की व्यवस्था की गई वहीं सभी को आरोग्य सेतु और राजकोविड एप डाउनलोड करवाया गया।