कोटा संभाग में अब 1.50 लाख मै.टन गेहूं के उपार्जन का बढ़ाया लक्ष्य: खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री
जयपुर। कोटा संभाग के कोटा, बूंदी, बारा एवं झालावाड़ जिलों में गेहूं की बम्पर पैदावार होने के कारण एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित कृषकों की मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा कोरोना महामारी के दौरान कोटा में 60 हजार, बूंदी में 50 हजार, बारां में 23 हजार एवं झालावाड़ में 17 हजार मै.टन गेहूं सहित कुल 1.50 लाख मै.टन गेहूं खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत प्रदान किये जाने का निर्णय लिया है।  

 

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश चन्द मीना ने मंगलवार को बताया कि वर्तमान में प्रदेश में 17 लाख मै.टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया है लेकिन कोटा संभाग में गेहूं की अच्छी पैदावार होने के कारण सरकार द्वारा अब प्रदेश में गेहूं खरीद के लक्ष्य को बढाकर 18.50 लाख मै.टन गेहूं का उपार्जन करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय खाद्य निगम के अधिकारियों के साथ गेहूं उत्पादन लक्ष्य के विरूद्ध अधिक उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किये जाने के संबंध में विस्तार पूर्वक विचार विमर्श कर लिया गया है। 

 

मीना ने बताया कि सरकार की मंशा है कि कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के किसानों को उनकी उपज की अधिकतम राशि प्राप्त हो सके, इसके लिए सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लक्ष्यों में की गई वृद्धि के लिए भारतीय खाद्य निगम को गेहूं भण्डारण के स्थान की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी संबंधित जिला कलक्टर की होगी। 

 

उल्लेखनीय है कि पूर्व में कोटा संभाग के कोटा जिले में 1 लाख 30 हजार, बूंदी में 1 लाख 11 हजार, बारां में 55 हजार एवं झालावाड़ में 27 हजार मै.टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित था।