लॉकडाउन में शौक बना सहारा

जयपुर। छत पर ऑर्गेनिक सब्जी उगाने का शौक चित्तौड़गढ़ के एक दंपति के लिए कोरोना के कारण किए गए लॉकडाउन में वरदान साबित हुआ। चित्तौड़गढ़ के कुंभानगर निवासी एक दंपत्ति की सात वर्ष पहले की गई पहल अब रंग ला रही है। इससे न सिर्फ उन्हें ताज़ी और शुद्ध सब्जियाँ मिली बल्कि अड़ोस-पड़ोस के लोगों का भी इस मुश्किल वक्त में वे सहारा बने।  


श्री अरविंद और श्रीमती स्नेहलता भंडारी ने सात साल पहले अपने छत पर सब्जियाँ उगाने का फैसला किया। सबसे पहले उन्होंने कबाड़ी से पुराने कूलरों की ट्रे खरीदी। ट्रे में उपजाऊ मिट्टी और देसी खाद डालकर उसमें सब्जी उगाने की शुरुआत की। उनकी कोशिश सफल हुई और धीरे-धीरे वे 10 से 15 सब्जियाँ उगाने लगे। इसमें भिंडी, बैंगन, मिर्च, टमाटर, टिंडा, ग्वार फली, तोराई, लौकी, काचरे, करेले और चुकंदर शामिल है।


भण्डारी दंपत्ति ने बताया कि सब्जियों की देखभाल में उनका सहयोग घर पर खाना बनाने आने वाली संतोष देवी भी करती हैं। वे दोनों इस बात से खुश हैं कि लॉकडाउन में जब कहीं जाना खतरे से खाली नहीं था उस दौरान उनको अपने घर की उगी सब्जियां नसीब हुई। उनकी छत की छोटी सी बगिया की ताजा सब्जियों का उनके परिवार के साथ-साथ पड़ोसियों ने भी लाभ उठाया। भंडारी दंपत्ति के अनुसार स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए बिना रासायनिक खाद की सब्जियों का उपयोग समय की जरूरत है।