लोकल से ग्लोबल की ओर चला प्रतापगढ़ का आम पापड़

जयपुर। गर्मी का मौसम हो और आम की बात ना हो ऐसा हो नहीं सकता। फलों का राजा आम लोगों के भोजन का स्वाद तो बढ़ाता ही है साथ ही प्रतापगढ़ में यह कई परिवारों की आजीविका भी चला रहा है , हालांकि लॉक डाउन का असर आम पापड़ गृह उद्योग पर भी पड़ा है ।


देश में लॉक डाउन के चौथे चरण के दौर में जब लोकल को ग्लोबल बनाने कि बात सरकार एंव प्रधानमंत्री द्वारा की जा रही है तो ऐसे में प्रतापगढ़ के इस लोकल ब्रांड आम पापड़ को अब देश के साथ विदेशों में पहचान दिलाने में शहर के कई लोग जुटे हुए हैं ।लोकल बाज़ार के साथ कई ऑन लाइन प्लेटफॉर्म पर आम पापड़ की बिक्री की जा रही है ।


आम से आम पापड़ बनाने में स्वच्छता और साफ-सफाई का काफी ध्यान रखना होता है। आम से आम का रस निकालना उसमें शक्कर मिलाकर उसे धूप में दो दिन तक सुखाकर रखना और फिर तैयार हुए आम पापड़ को अलग-अलग कटिंग में आकर्षक पैकिंग में पैक करना। आम पापड़ बनाने का महत्वपूर्ण हिस्सा है ।


प्रतापगढ़ के कई व्यापारी और उनका पूरा परिवार आम पापड़ व्यवसाय में लगा हुआ है। व्यापारियों के मुताबिक लॉक डाउन एवं संक्रमण के इस समय में उन्हें आम पापड़ बनाने में समस्या तो आ रही है इसलिए वे आम पापड़ बनाने से पूर्व परिवार के सदस्यों एवं श्रमिकों को अच्छी तरीके से सैनेटाइज करने के बाद ही इस कार्य पर लगा रहे हैं ।


हालांकि पहले की तुलना में इस बार आम पापड़ निर्माण का कार्य थोड़ा कम जरूर हुआ है लेकिन फिर भी जो सरकार की मुहिम है लोकल को विश्व विख्यात बनाने की उसमें वे अब आम पापड़ को भी शुमार कर रहे हैं। इसी के चलते कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आम पापड़ का विक्रय किया जा रहा है। प्रदेश के अतिरिक्त निकटवर्ती मध्य प्रदेश , दिल्ली और महाराष्ट्र सहित अनेक प्रदेशों में आम पापड़ की अच्छी माँग रहती है। फिलहाल आम का सीजन होने के चलते हैं आम पापड़ की बिक्री नहीं होती है लेकिन जब आम का सीजन चला जाता है तब यह आम पापड़ काफी पसंद किए जाते हैं।


वर्तमान में आम पापड़ बनाकर स्टॉक किया जा रहा है ताकि सीजन निकलने के बाद इन्हें अच्छे दामों पर बेचा जा सके । प्रतापगढ़ का आम पापड़ अन्य लोगों को प्रेरित करता है आम को ख़ास बनाने में और लोकल को ग्लोबल।