परिंदो के मित्र बने कोरोना यूथ वॉरियर्स

जयपुर। पूरे विश्व में कोरोना ने मनुष्य जाति को झकझोर कर रख दिया है। भारत में भी इसका व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। गरीब और वंचित वर्ग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित है। इनकी मदद के लिए सरकार के साथ ही अनेक गैर सरकारी संगठन और भामाशाह आगे आए है। कोरोना की चपेट में इन्सानों के साथ बेजुबान पशु-पक्षी भी आयें हैं। इनकी सहायता के लिए भी कई लोग आए हैं जिनमें से अधिकांश गैर सरकारी हैं। लेकिन एक सरकारी संगठन जो इसमें महत्वपूर्ण भागीदारी निभा रहा है वह है भारत सरकार के खेल और युवा मंत्रालय के तहत आने वाला नेहरू युवा केंद्र संगठन।


राज्य में कोरोना के इस मुश्किल वक्त में युवाओं को पक्षी प्रेम परवान चढा हुआ है। नेहरू युवा केन्द्र से जुड़े स्वयं सेवक और युवा मण्डल परिंडा अभियान को गति देने में तत्परता से जुटे हैं। इसके लिए इन उत्साही युवाओं ने सेल्फी विद परिंडा, एक घर एक परिंडा, पक्षी मित्र नाम से अलग-अलग मुहिम चला रखी है। कोरोना लॉकडाउन में लोगों के घरों में बंद होने के कारण पक्षियों के साथ ही बंदरो एवं अन्य पशुओं के लिऐ दाना-पानी की समस्या हो गई है। गर्मी के कारण यह समस्या और बढ़ गई है। ऐसी स्थिति को देखते हुऐ राज्य के विभिन्न जिलों में युवाओं ने करीब ग्यारह हजार परिण्डे लगाये है। कुछ स्थानों पर बंदरों और गायों की सेवा के लिऐ भी युवा आगे आए हैं।


नेहरू युवा केन्द्र संगठन के राज्य निदेशक डॉ भुवनेश जैन ने बताया कि जनजाति बहुल और रेगिस्तानी जिलों में इस अभियान के प्रति युवाओं में ज्यादा उत्साह हैं। राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर भीलवाडा, बाड़मेर, जैसलमेर, सीकर, झुंझुनू, जालोर, अलवर, भरतपुर, जयपुर, श्रीगंगानगर और टोंक जिले में यह अभियान जोरों से चल रहा है। नेहरू युवा केंद्र के जिला समन्वयकों के निर्देशन में राष्ट्रीय युवा स्वयं सेवक और युवा मण्डल के कार्यकर्ता इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहें हैं।