प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजने का सिलसिला जारी

जयपुर। लॉकडाउन के कारण राजस्थान में फसें प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजने का सिलसिला जारी है। इसके लिए भारतीय रेल के सहयोग से श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियां चलाई जा रहीं हैं। साथ ही राजस्थान पथ परिवहन निगम की ओर से बसों की व्यवस्था भी की गई है। यात्रा से पहले सभी श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। यात्रा के दौरान भी सोशल डिस्टेन्सिंग सुनिश्चित की गई।


प्रदेश से पिछले 24 घंटों के दौरान तीन श्रमिक स्पेशल ट्रेन विभिन्न राज्यों के लिए रवाना हुईं। इनमें सवाई माधोपुर से कटिहार, जयपुर से बलिया और भगत की कोठी (जोधपुर) से बलिया विशेष रेलगाड़ी शामिल है। इन रेलगाड़ियों से करीब 4000 प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों के लिए रवाना किया गया। इस मजदूरों का किराया राज्य सरकार ने वहन किया जबकि इनके भोजन और पानी की व्यवस्था रेलवे और राज्य सरकार ने मिलकर की है।


श्रमिक स्पेशल ट्रेन से टोंक से बिहार लौट रहे एक प्रवासी श्रमिक श्रवण कुमार ने रेलवे और सरकार की ओर से प्रवासी मजदूरों के लिए की गई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में अपने घर लौट पाना सुखद है। सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर एक अन्य प्रवासी श्रमिक सुंदरम ने रेलवे और सरकार द्वारा दी गई इस निःशुल्क सुविधा पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि वे लंबे समय के बाद अपने घरवालों से मिल पाएंगे।  


उदयपुर में लॉकडाउन में फसें 400 श्रमिकों को राजस्थान पथ परिवहन निगम की 17 बसों  से  हरिद्वार पहुंचाया गया। यह सभी लोग उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। प्रत्येक बस में सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम की पालना करते हुए क्षमता से आधी सवारियों को बैठाया गया। इन्हें भोजन और पानी निःशुल्क उपलब्ध कराया गया।