राजस्थान से 41 श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों से करीब 50 हजार प्रवासी श्रमिकों और विद्यार्थियों को उनके गृह राज्य भेजा गया

जयपुर। राजस्थान से 41 श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों से 50 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिकों और विद्यार्थियों को उनके गृह राज्य भेजा गया है। ये स्पेशल रेलगाड़ियां उत्तर पश्चिम रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से संचालित की गई। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा चलायी गई 27 विशेष रेलगाड़ियों  से करीब 33 हजार श्रमिकों, विद्यार्थियों तथा अन्य फँसे हुए लोगों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया गया। अन्य राज्यों में फसें राजस्थान के श्रमिकों को भी विशेष रेलगाड़ियों से लाया जा रहा है। कल बंगलुरु से उदयपुर पहुँची रेलगाड़ी में 1440 श्रमिकों की वापसी हुई। इन्हें बसों से उनके गांवों तक पहुंचाया गया।


उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों से जो रेलगाड़ियां संचालित की गईं उसमें 14 बिहार के लिए, छः मध्य प्रदेश के लिए, चार उत्तर प्रदेश के लिए तथा एक-एक झारखंड, पश्चिम बंगाल और आँध्र प्रदेश के लिए चलायी गई। इन सभी रेलगाड़ियों में यात्रियों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए पुख़्ता इंतज़ाम किए गए। रेलगाड़ियों में चढ़ने से पहले प्रत्येक यात्री की स्क्रीनिंग की गई। श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों के संचालन में राजस्थान सरकार का सक्रिय सहयोग रहा। राज्य सरकार की माँग के अनुरूप इन रेलगाड़ियों का संचालन किया गया। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।  


उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से जो विशेष रेलगाड़ियां चलायी गई उनमें जयपुर से पटना, जयपुर से कटिहार, रेवाड़ी से खगड़िया, रेवाड़ी से कटिहार, रेवाड़ी से मुज़फ़्फ़रपुर, रेवाड़ी से किशनगंज, उदयपुर से मुज़फ़्फ़रपुर, उदयपुर से हाजीपुर, हिसार से कटिहार, हिसार से मुज़फ़्फ़रपुर, नागौर से हटिया, अजमेर से देंकनि, अजमेर से पूर्णिया, आबूरोड से विशाखापट्टनम, रेवाड़ी से सागर, रेवाड़ी से छतरपुर, भिवानी से पूर्णिया, भिवानी से छतरपुर, भिवानी से अररिया, बाड़मेर से मोतिहारी, भिवानी से छतरपुर, जयपुर से बलिया, भगत की कोठी से बलिया, जयपुर से गोरखपुर और जयपुर से कानपुर शामिल है।