राजस्थान से बंगाल के लिए 6 ट्रेनों को मिली मंजूरी -संभागीय आयुक्त

18 मई से 3 जून के बीच बंगाल के श्रमिकों को लेकर होंगी रवाना, 6 बसें उत्तर प्रदेष के श्रमिकों को छोड़ने रवाना


जयपुर। संभागीय आयुक्त के.सी.वर्मा ने बताया है कि पष्चिम बंगाल ने अपने प्रवासियों को राजस्थान से ले जाने के लिए छह टेªनों की मंजूरी दी है। ये ट्रेन 18 मई से 3 जून तक बंगाल के विभिन्न जिलों के निवासियों को राजस्थान से लेकर जाएंगी। बिहार एवं उत्तर प्रदेष के लिए भी लगातार टेªनों का संचालन किया जा रहा है। उन्होने यूपी-बिहार जाने वाले श्रमिकों को जल्द से जल्द अपना पंजीकरण कराने का आग्रह किया है जिससे उन्हें इन टेªनों जरिए गंतव्य तक भिजवाया जा सके।


वर्मा ने बताया कि बंगाल सरकार द्वारा श्रमिकों को राजस्थान से ले जाने के लिए मंजूर की गई पहली ट्रेन पाली से 18 मई को रवाना होगी। इसके बाद 20, 28 एवं 30 मई को जयपुर से तीन टेªन पष्चिम बंगाल जाएंगी। शेष दो टेªन 1 एवं 3 जून को जयपुर से बंगाल के श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों को लेकर रवाना होंगी। उन्होंने बंगाल के श्रमिकों को जल्द ही अपना रजिस्ट्रेषन कराने के लिए कहा है ताकि उनको व्यवस्थित रूप से इन टेªनों से रवाना किया जा सके।


संभागीय आयुक्त ने बताया कि श्रमिकों के लिए साधनों की लगातार व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने पैदल दूसरे राज्यों में जा रहे सभी श्रमिकों से साधनों की व्यवस्था होने तक श्रमिक कैम्पों में इंतजार करने को कहा है। उन्होने बताया कि शुक्रवार को उत्तर प्रदेष जाने वाले 102 श्रमिकों को महवा, दौसा के श्रमिक कैम्प से बसों के माध्यम से भरतपुर होते हुए हाथरस के लिए रवाना किया गया है। इसी प्रकार बस्सी के श्रमिक कैम्पों से भी पांच बसों में उत्तर प्रदेष के 195 श्रमिकों को रवाना किया गया है।  


वर्मा ने बताया कि अन्य राज्यों के लिए भी ट्रेनों का संचालन लगातार जारी है। शुक्रवार को ही एक टेªन रात्रि 8 बजे 1300 से अधिक लोगों को लेकर हरिद्वार के लिए एवं रात्रि 9 बजे बाद सहारनपुर जा रही टेªन जयपुर से 350 से अधिक श्रमिकों को उनके जिलों के लिए लेकर रवाना होना श्ड््यूल था। श्री वर्मा ने बंगाल एवं बिहार जाने वाले यात्रियों को पैदल सड़क मार्ग से रवाना नहीं होने एवं श्रमिक कैम्पों में ही रुके रहकर अपनी बारी का इंतजार करने का आग्रह किया है ताकि सरकार उन्हें उचित साधनों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना कर सके।