विश्व पर कोरोना के असर को अवसर के रुप में लेने की आवश्यकता: नितिन गडकरी

नई दिल्ली। केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि कोरोना का विश्व की व्यवस्थाओं पर पड़े असर को हमें अवसर के तौर पर लेना होगा। मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में चर्चा के दौरान केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कोरोना के कारण दुनिया की नजर में चीन की साख गिरी है। जापान जैसे देश अपने उद्योगपतियों को चीन से अपना करोबार उठाकर अन्य देशों में लगाने के लिए वित्तीय पैकेज दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत के पास इस अवसर का लाभ उठाकर विश्व शक्ति बनने का मौका है। इसके लिए उन्होंने तकनीकी की क्षेत्र में नए अविष्कार की आवश्यकता बताई। 


वेबिनार की अध्यक्षता मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन के संरक्षक और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इन्द्रेश कुमार ने की। मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष  डॉ.ए.के. अग्रवाल, महासचिव श्रीराम जोशी तथा महात्मा मालवीय रिसर्च सेंटर फॉर गंगा की समन्वयक डॉ. कविता शाह भी चर्चा का हिस्सा बनीं। 


चर्चा के दौरान नितिन गडकरी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई कठिन है जिसे जनता के सहयोग से जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज गोवा, अरुणाचल प्रदेश और केरल जैसे राज्यों ने कोरोना पर विजय पाई है। यह पूरे देश में भी होगा।


उन्होंने बताया​ कि आज भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अग्रणी की भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में बड़े पैमाने पर सस्ती और स्वदेशी पीपीई किट का उत्पादन हो रहा है। उन्होंने बताया कि जहां पहले हमें करोड़ों रुपये खर्च करके चीन से पीपीई किट बनवानी पड़ रही थी आज वही ​पीपीई किट नागपुर में बन रही हैं। जो कि केवल 550 रुपये में उपलब्ध है। कुछ ऐसी ही स्थिति सेनेटाईजर की है। केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि भारत के पास आज इतनी मात्रा में सेनेटाईजर उपलब्ध है कि विदेशों में उसके निर्यात पर विचार किया जा रहा है। 


केन्द्रीय मंत्री ने लॉकडाउन के कारण बेरोजगारी को बड़ी समस्या माना। उन्होंने कहा बेरोजगारी दूर करने के लिए हमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को भारत लाने की जरुरत पड़ेगी। उन्होंने बताया कि गंगा नदी रोजगार उत्सर्जन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि जल यातायात और पर्यटन आदि से गंगा नदी पर ही 2 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में 100 लाख करोड़ रुपये का इ्न्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही 12000 करोड़ की लागत से बनना वाला मार्ग भी पूरा होने वाला है जिससे चार धाम की यात्रा भी साल के 12 महीने चल सकेगी। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश का किसान सुखी और गांव सम्पन्न सरकार इसके लिए प्राथमिकता से कार्य कर रही है। 


उन्होंने कोरोना के कारण देश में पनपे नकारात्मकता के भाव को खत्म करने की जरुरत बताई। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दो महीने होने वाले हैं। लोग हताश हैं और इस हताशा को खत्म करने के लिए लोगों के आत्मविश्वास को जगाना आवश्यक है। उन्होंने मीडिया से समाज में सकारात्मकता का प्रसार करने का आह्वान किया। 


दुनिया को विकास का वै​कल्पिक मॉडल देगा भारत: इंद्रेश कुमार


वहीं मदरलैंड इंटरनेशनल फाउंडेशन के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि कोरोना काल में एक बात तो तय हो गई कि विकास और विकसित देशों का जो मॉडल दुनिया में तैयार किया गया था वह धराशायी हो गया। उन्होंने कहा कि यह तो तय है कि कोरोना प्रकृति निर्मित नहीं बल्कि मानव निर्मित वायरस है। क्योंकि यदि यह प्राकृतिक होता तो केवल एक वातावरण तक ही सीमित रहता। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भी जब दुनिया व्यापार कर रही है, वह भारत ही है जो दुनिया के बाकी देशों की सहायता में जुटा है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्ववास है कि कोरोना की समाप्ति के बाद भारत विश्व को एक विकास का एक वै​कल्पिक मॉडल अवश्य देगा।