5 हेक्टर से छोटी खदानों के सुरक्षा नियम व्यवहारिक नहीं: सांसद दीयाकुमारी



केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार से की मुलाक़ात, 5 हेक्टर से छोटी खदानों पर माईन्स एक्ट 1952 नियम 55 को लागु नहीं करने की मांग

 

राजसमन्द। सांसद दीयाकुमारी ने केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार से मुलाक़ात करते हुए क्षेत्र की छोटी अप्रधान खनिज खानों की समस्याओं को विस्तार से रखा। 

 

मुलाकात के दौरान सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि 5 हैक्टर से अधिक क्षेत्रफल की खदानों पर जो सुरक्षा के नियम लागू हैं, वही नियम 5 हेक्टर से छोटी खदानों पर लागू है। यह नियम सैद्धान्तिक रूप से तो ठीक है लेकिन व्यवहारिक रूप से सम्भव नहीं है।

 500 हॉर्सपावर के विद्युत सम्बंध से ऊपर की खदानों पर टेक्निकल इंजीनियर चाहिए और फोरमैन भी चाहिए जो सिर्फ औपचारिकता है और इससे खदान मालिक पर आर्थिक भार बढ़ता है। वहीं छोटी खदान पर 3 मीटर की स्टेप छोड़ना भी सम्भव नही है। क्योंकि छोटी खदानों वाला सम्पूर्ण खनिज क्षेत्र आपस में सटा हुआ है।

 

इस सारी प्रक्रिया में अफसर शाही हावी रहती है और खदान मालिक इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में उलझ कर रह जाता है।

सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि वेदांता, हिन्दुतान जिंक और सीमेंट इंडस्ट्रीज की तुलना 100 गुना 100 मीटर की मार्बल माईन्स से करना अनुचित ही नहीं खदान मालिक को प्रताड़ित करने के समान है। इसलिए 5 हेक्टर से छोटी अप्रधान खनिज ख़ानो पर माईन्स एक्ट 1952 नियम 55 को लागु नहीं किया जाए।

 

मीडिया संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने बताया कि मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने सांसद को नियमों में शिथिलता देने और व्यवहारिक बनाने के लिए आश्वस्त किया।