किसानों की सहायता के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां राज्यपाल राहत कोष में देंगे एक महीने का वेतन

राज्यपाल ने डाॅ. पूनियां की अनुकरणीय पहल का किया स्वागत

जयपुर, 01 जून।
 भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एवं आमेर विधायक डाॅ. सतीश पूनियां ने प्रदेश के किसानों के हित में पहल करते हुए एक माह का वेतन राज्यपाल राहत कोष में देने की घोषणा की है, जिसकी राज्यपाल ने भी प्रशंसा की है।

राज्यपाल की अध्यक्षता में वीडियो काँफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यपाल राहत कोष के लिये कोष संग्रहण एवं सलाह हेतु गठित समिति की बैठक हुई, जिसमें डाॅ. सतीश पूनियां ने प्रदेश के किसानों की सहायता के लिए राज्यपाल राहत कोष में एक महीने का वेतन देने की घोषणा की। राज्यपाल महोदय ने कहा कि, एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के नाते डाॅ. सतीश पूनियां की इस अनुकरणीय पहल का स्वागत है।

वीडियो काँफ्रेंस में राहत कोष के लिए 18 वर्ष के अंतराल के बाद पहल कर बैठक करने पर डाॅ. सतीश पूनियां ने राज्यपाल महोदय को धन्यवाद देते हुए कहा कि सलाहकार समिति का गठन और बैठकें अभिनंदनीय पहल है। उन्होंने कहा कि अकाल एवं अभाव के अलावा राज्यपाल राहत कोष के माध्यम से सेवाओं का विस्तार करना स्वागत योग्य कदम है।

डाॅ. पूनियां ने कहा कि राज्यपाल राहत कोष से युद्धकाल में प्रभावित सैनिकों एवं उनके परिवारों की सहायता, किसानों को आपदाग्रस्त, सूखा, अतिवृष्टि, टिड्डी इत्यादि से नुकसान होने पर सहायता करना जनहित में बहुत ही सराहनीय फैसले है।

डाॅ. पूनियां ने राज्यपाल महोदय को राज्य में संवैधानिक पद की भूमिका के अलावा संरक्षक की भूमिका एवं नवाचारों के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कोविड-19 में राज्यपाल महोदय द्वारा प्रदेश के जनहित में किये गये प्रयासों एवं विश्वविद्यालयों में किये गये अनूठे नवाचारों के लिए साधुवाद दिया।

वहीं डाॅ. सतीश पूनियां ने वीडियो काँफ्रेंसिंग में सुझाव देते हुये कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्र जो आज देश एवं विदेशों में अच्छी नौकरी एवं व्यवसाय कर आर्थिक रूप से सक्षम हैं, उनकी मदद लेकर राज्यपाल राहत कोष को मजबूत किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के भामाशाहों का समय-समय पर राजभवन में सम्मान किया जाना चाहिये, जिससे उनका मनोबल बढ़ सकेगा और वे राज्यपाल राहत कोष में मदद कर सकेंगे।

राज्यपाल राहत कोष को और सुदृढ़ करने के लिए डाॅ. पूनियां ने यह भी सुझाव दिये कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के पूर्व छात्रों, राज्य के सांसदों, विधायकों के मद से भी सहायता ली जा सकती है। उन्होंने इसके लिए सीएसआर के फण्ड का उपयोग ठीक से किये जाने का सुझाव भी दिया।