लॉकडाउन में  दिव्यांग देवीलाल के परिवार के जीने का सहारा बनी राज्य सरकार की सहायता

जयपुर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान कई लोग ऎसे  भी हैं जिनके लिए सरकार की विभिन्न योजनाएं ही एकमात्र सहारा है। 

 

बीकानेर के मुक्ता प्रसाद कॉलोनी निवासी दिव्यांग देवीलाल के लिए सरकार की सहायता ही एकमात्र आसरा थी। देवीलाल बताते है कि वे और उनकी पत्नी दोनों दिव्यांगजन है दोनों के पास कमाई का कोई स्थायी जरिया नहीं है और लॉकडाउन के कारण उनकी आय के थोड़े बहुत जो स्रोत थे वे भी खत्म हो गए। ऎसे में उनके घर चलाने का एक मात्र जरिया सरकारी योजनाओं की सहायता ही थी। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही दिव्यांगजन पेंशन योजना, पालनहार योजना और वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत वे और उनके परिवारजन पात्र है और उन्हें लगातार सहायता प्राप्त हो रही है जिससे लॉकडाउन की अवधि में उनका घर का खर्च चल रहा है।

 

देवीलाल ने सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इन योजनाओं के जरिए मिल रही आर्थिक सहायता से ही वे आज अपना घर खर्च चला पा रहे हैं। उनकी माताजी को वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पेंशन मिल रही है तथा दम्पती को दिव्यांगजन पेंशन का सहारा है। इसी प्रकार पालनहार योजना के तहत उनके तीनों बच्चों को प्रति बालक एक-एक हजार रुपए  की सहायता भी प्राप्त हो रही है। श्री देवीलाल बताते है कि सभी योजनाओं के तहत बिना सरकारी कार्यालय गये उनके परिवार को समय पर सहायता राशि उनके खाते में आ जाती है जिसके जरिए वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर पा रहे हैं।

 

देवीलाल ने कहा कि सरकार की इन योजनाओं से उन जैसे लाखों परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। लॉकडाउन के कारण बनी परिस्थितियों में यह सहायता की उनके लिए आशा की एक किरण बनी हुई है।