न तो मुझे नाम की भूख है और न ही किसी के प्रमाण पत्र की- सांसद दीयाकुमारी
ब्यावर-गोमती फोरलेन के लिए 722 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति जारी, पीएम मोदी और गड़करी के साथ केंद्र सरकार का जताया आभार

 

राजसमन्द। सांसद दीयाकुमारी ने ब्यावर गोमती फोरलेन के 100 किमी हेतु 722 करोड़ की आर्थिक स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ ही पूरी केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।

 

 सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि न तो मुझे नाम की भूख है और न ही किसी के प्रमाण पत्र की, लेकिन असल बात जनता तक पहुंचनी चाहिए। क्षेत्र की जनता जानती है कि ब्यावर गोमती फोरलेन की स्वीकृति किसकी मेहनत का परिणाम है। हमने जो कुछ भी किया, जनता के हित के लिए किया और सांसद होने का दायित्व भर निभाया है। कांग्रेस एक तरफ तो कहती है कि केंद्र सरकार काम नही कर रही और दूसरी तरफ केंद्र द्वारा स्वीकृत कार्यों पर जूठी वाहवाही लूटने का प्रयास करती है। 

 

सांसद ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमने ब्यावर गोमती योजना की स्वीकृति पर जम कर पसीना बहाया है, अब विकास रूपी शहद का छत्ता सामने आया तो लूटने आ गए। सिर्फ अखबारों में विज्ञप्तियां जारी कर देने मात्र से ताज नहीं मिल जाते सफलता के लिए स्वेद कणों को बहाना पड़ता है। मेने लोकसभा के अंदर और बाहर लगातार इस मुद्दे को गम्भीरता से रखा है तब जाकर इसकी आर्थिक स्वीकृति मिली है।

 

सांसद दीयाकुमारी ने कहा कि यह सड़क लोकसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण मार्ग है, चुनाव में जनता से किया गया एक वादा था जो पूर्णता की ओर अग्रसर है। 100 किलोमीटर लम्बाई का यह प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा। ब्यावर- गोमती राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8 को फोरलेन में विकसित करने के प्रोजेक्ट को लगभग 722 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है।

 

मीडिया संयोजक मधुप्रकाश लड्ढा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा प्राप्त स्वीकृत पत्र में पहले चरण में लगभग 50 किमी लम्बाई के लिए 380.29 करोड़ रूपये तथा शेष 50 किमी लम्बाई को द्वितीय चरण में 341.33 करोड़ रूपये व्यय कर विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार 6 फ्लाई ओवर सहित 40 छोटे पुलों का भी निर्माण किया जाएगा। ब्यावर से गोमती तक फोरलेन कार्य हो जाने के बाद दिल्ली से जयपुर, अजमेर, ब्यावर, राजसमंद, उदयपुर और अहमदाबाद तक यात्रा सुगम हो जाएगी। इस बड़ी उपलब्धि को सांसद ने ईश्वर जनता का आशीर्वाद बताया है। ज्ञात रहे कि विगत दो माह से केंद्र सरकार कोरोना महामारी से जूझ रही है इसके बावजूद इस योजना को हरी झंडी दिखाना सांसद की सक्रियता को इंगित करता है।