पहले सेना के हाथ बंधे होते थे, आज नया भारत है, गलवान घाटी में चीन को दी करारी शिकस्त: कर्नल राज्यवर्धन

कर्नल राज्यवर्धन ने भारत-चीन के वर्तमान हालातों पर फेसबुक के माध्यम से की चर्चा।

 जयपुर। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और सांसद जयपुर ग्रामीण कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने चायना की नीयत, इसका इतिहास व भारत - चीन के वर्तमान हालातों और विश्व में भारत की बढ़ती ताकत पर पर आज फेसबुक लाईव के माध्यम से आम जनता से संवाद किया। उन्होंने कहा कि काराकोरम की पहाडियों की उंचाई पर में लडने में मौसम का भी सामना करना पड़ता है वहां पर आॅक्सीजन की कमी रहती है, फेफडे़ फूल जाते है, उंगलियों में खून जम जाता है फिर भी भारतीय सेना वहां पर मुस्तेदी के साथ डटी हुई है। चायना का लक्ष्य भारत के इंफ्राटेक्चर डवलपमेन्ट को रोकना, इसे साउथ ऐशिया तक ही सीमित रखना और क्वार्टरलेन्डर डायलाॅग में भारत की पार्टनरशिप को कमजोर करना है। चीन अब तक तो भारत को डरा धमकाकर अपने लक्ष्य में सफल होता रहा लेकिन आज नया भारत है, मोदी सरकार है और राष्ट्रवादी सरकार है। आज पूरी दुनिया में भारत का परचम लहरा रहा है। नये भारत के कारण ही चीन को गलवान घाटी में करारी शिकस्त मिली है। 


कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मजबूत लीडरशिप में भारत ने अनेक मजबूत कदम उठाए है जिससे विश्व में भारत का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि दुबरूक-शामुख और दौलत बेग ओल्डी तक जो 255 किमी आॅल वैदर सड़क बनी है यह रास्ता लगभग 13000 से लेकर 16000 फिट की उंचाई पर बना है। इससे किसी भी मौसम में भारतीय सैनिकों के पास सामान पहुंचाना व उन्हे रीप्लेस करना बहुत आसान हो जाएगा, भारतीय सेना मजबूत होगी, चीन की बौखलाहट का मुख्य कारण भी यही है। दौलत बेग ओल्डी दुनिया की सबसे उंची ऐयर फील्ड है। इस सड़क की आवश्यकता भारतीय सेना को वर्षों से थी लेकिन इसका निर्माण नहीं हो पाया, 2014 में मोदीजी ने प्रधानमंत्री बनते ही इसका कार्य तेजी से प्रारम्भ करवाया और अब यह पूरी तरह से बनकर तैयार है। 


कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि भारतीय सेना का एक ही लक्ष्य है सबसे पहले देश उसके बाद अपनी पलटन और अंत में स्वयं, देश की जनता ने जब मोदी सरकार के काम को देखा तो पाया कि इस सरकार का भी यही लक्ष्य है सबसे पहले देश फिर पार्टी और अंत में स्वयं। जब यह प्राथमिकता आने लगी तो इससे जनता में सरकार के प्रति एक विश्वास बना है। उन्होंने कहा 2014 से पहले के पांच वर्ष और बाद के पांच वर्ष के कार्यों की तुलना की जाए तो बाॅर्डर एरिया में पहले सड़कों का बजट चार हजार करोड़ था, मोदी जी ने आते ही इसे बढ़ाकर ग्यारह हजार करोड़ कर दिया इसी प्रकार जितने पुल 2014 से पहले पांच वर्षों में बने उसके दुगने पुल 2014 के बाद के पांच वर्षों में ही बना दिए तथा 33 प्रतिशत अधिक सड़कों का निर्माण भी हुआ है। 


कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि चायना की नीति साईक्लाॅजिकल, मीडिया एवं लीगल वाॅरफेयर की है, इसके तहत यह आपके देश में लोगों से धरना-प्रदर्शन करवाएंगे और सरकार के खिलाफ बयान शुरू हो जाऐंगे जिससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास कम हो जाऐगा। प्रेस में अपनी मीडिया को घुसाने की कोशिश करेंगे और ख़बरों को तोड-मरोडकर पेश करेंगे, इसके अलावा चायना की कम्पनीया आपके देश में सस्ते दामों पर सामान बेचेगी जिससे हमारे देश की कम्पनीयां ठप हो जाऐगी और चीनी कम्पनीयां उन्हे खरीद लेंगी। चायना की नीति है कि किस प्रकार लोगों की सोच पर कब्जा कर समाज की परम्पराओं को अस्त व्यस्त किया जाए। कर्नल राज्यवर्धन ने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और चायना के षडयंत्र को विफल करने की अपील की है।