प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रदेश की 59 हजार से ज्यादा गर्भवती महिलाओं को मिली निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच व परामर्श सेवाएं

जयपुर। प्रदेशभर में मंगलवार का दिन विशेषकर गर्भवती महिलाओं की अतिआवश्यक प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांचों एवं परामर्श के लिए समर्पित रहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक नरेश ठकराल ने बताया कि प्रदेश के 2 हजार 787 राजकीय स्वास्थ्य केन्द्रों में आयोजित किये प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए)  के अंतर्गत शिविरों में स्त्रीरोग विशेषज्ञ अथवा चिकित्सा अधिकारियों की देखरेख में 59 हजार 382 गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व आवश्यक जांच व परामर्श व निशुल्क उपलब्ध करवाई गई। राजकीय चिकित्सकों सहित निजी क्षेत्र के 25 चिकित्सकों ने भी अभियान के तहत् अपनी स्वैच्छिक सेवाएं दी।



नरेश ठकराल ने बताया कि पीएमएसएमए शिविरों में अब फिर से गर्भवती महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जाना शुरू हो गया है जोकि इस अभियान के प्रति लाभार्थियों के बढ़ते विश्वास को दिखाता है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को आयोजित अभियान में चिकित्सकों ने आवष्यक जांच के बाद टीटी-1 व  टीटी-2 के इंजेषन तथा आयरन की गोलियां व आयरन सुक्रोज देकर महिलाओं की सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक देखरेख की है।



ठकराल ने बताया कि मातृ मृत्युदर व शिशु मृत्युदर में कमी लाने में सुरक्षित मातृत्व अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस रोकथाम की पिछले 3 महीनों से चल रही गतिविधियों के बीच निर्धारित 9 तारीख को जिले भर में यह अभियान संचालित किया गया है जिसमें राजकीय चिकित्सकों सहित पीएमएसएमए से जुड़े निजी क्षेत्र के स्त्रीरोग विशेषज्ञों व चिकित्सक भी स्वैच्छिक योगदान के लिए धन्यवाद के पात्र हैं।