प्रशासनिक सक्रियता से रामप्यारी को 1 घंटे में मिली 12 माह से अटकी पेंशन

जयपुर। कोरोना संकट में अस्थिर आर्थिक हालातों के बीच बीकानेर जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम की सक्रियता से श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति के गुसाईंसर गांव निवासी रामप्यारी को 12 माह से अटकी पेंशन महज 1 घंटे में मिल गई। इतना ही नहीं उसकी पेंशन नियमित भी हो गई। 

 

दरअसल बीकानेर की श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में मनरेगा कार्यों का निरीक्षण कर पंचायत समिति मुख्यालय पहुंचे जिला कलक्टर गौतम जैसे ही अपनी गाड़़ी में बैठने ही वाले थे तो गुसाईंसर निवासी रामप्यारी अपनी गुहार लेकर उनसे मिलने जा पहुंची। रामप्यारी ने जिला कलक्टर को बताया कि गत 12 महीनों से वह वृद्धावस्था पेंशन से वंचित है। कई बार सम्पर्क करने के बावजूद पेंशन प्रारम्भ नहीं हो पा रही है। इस पर जिला कलक्टर ने तुरंत रामप्यारी के पास उपलब्ध सभी कागज देखे और स्वयं पंचायत समिति की पेंशन शाखा पहुंचे। वहां पहुंचकर जिला कलक्टर ने सभी दस्तावेज की जांच की और पाया कि रामप्यारी के सभी पेंशन दस्तावेज सही हैं और वह वृद्धावस्था पेंशन के पात्र थी। 

 

जिला कलक्टर ने कम्प्यूटर पर समस्त प्रक्रिया की दुबारा अपने सामने जांच करने को कहा। जांच के दौरान पाया गया कि रामप्यारी पत्नी पोकर राम के आधार नम्बर की गलत फीडिंग के चलते उसकी पेंशन का ट्रांसफर रामप्यारी पत्नी पुरखा राम केे खाते मेेंं गत 12 माह से हो रहा था। इसके बाद जिला कलक्टर ने विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि तकनीकी खामी के चलते गलती से जहां पैसे ट्रांसफर हुए हैं उनसे सम्पर्क कर रामप्यारी को बकाया रही पेंशन राशि का भुगतान करवाएं। इसके बाद अधिकारियों ने रामप्यारी पत्नी पुरखाराम से सम्पर्क किया तो पाया गया कि उसके खाते में गत 12 माह से पेंशन आ रही है। गलती से खाते में आई इस पेंशन राशि को सम्बंधित परिवार ने लौटा दिया और इस तरह पात्र रामप्यारी को 8 हजार 250 रुपए नकद मिल गए। रामप्यारी को पेंशन मिलते ही उन्होंने जिला कलेक्टर सहित सभी कर्मियों का आभार व्यक्त किया।