श्रम राज्य मंत्री ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
जयपुर। श्रम, कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण विभाग राज्य मंत्री टीकाराम जूली ने अलवर जिले में शुक्रवार को कम्पनी बाग स्थित शहीद स्मारक पर देश की रक्षा करते हुए गलवान घाटी में अपने प्राणों की आहूति देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 


श्रम राज्य मंत्री जूली ने शहीद स्मारक पर शहीदों के सम्मान में शान्ति बैठक में भाग लिया। उन्होंने शहीद स्मारक पर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया तथा मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राष्ट्रीय एकता के प्रतीक राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पूरा देश अमर शहीदों के परिवारों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि बाहरी ताकतों ने जब-जब बुरी नजरों से देश की तरफ देखा है, तब-तब पूरा देश एकजुट हुआ है और हमारी सेनाओं ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी में भारतीय जवानों ने चीनी सेना के दांत खट्टे कर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व को सख्त कदम उठाने चाहिए तथा देश को यथास्थिति से अवगत कराना चाहिए। 


इस अवसर पर किशनगढ़बास विधायक दीपचन्द खैरिया, तिजारा विधायक संदीप यादव, पूर्व विधायक कृष्ण मुरारी गंगावत सहित अनेक प्रबुद्ध व्यक्ति उपस्थित थे। 

 

जरूरतमंदों को भोजन वितरित किया

राज्य मंत्री जूली ने पुराने सूचना केन्द्र पर स्थित रैन बसेरे से नगर परिषद की ओर से जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन वितरित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की संकल्पना के अनुरूप ‘किसी भी व्यक्ति को भूखा नहीं सोने दिया जाएगा’ के तहत राज्य सरकार ने लॉकडाउन के दौरान और उसके पश्चात् ही निरन्तर जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया है। राज्य सरकार जल्द ही पूरे प्रदेश में इंदिरा रसोई योजना व्यापक स्तर पर शुरू कर रही है। जिसके तहत जरूरतमंदों को उचित मूल्य पर स्थानीय स्तर पर गर्म एवं पोष्टिक भोजन उपलब्ध हो सकेगा। 

 

श्रम राज्य मंत्री ने की जनसुनवाई

श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली ने मोती डूंगरी स्थित अपने कार्यालय में जनसुनवाई की जिसमें 79 व्यक्तियों ने परिवेदना प्रस्तुत की। उन्होंने जनसुनवाई में आमजन की परिवेदनाओं को सुनकर तत्काल संबंधित अधिकारियों को दूरभाष से समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिये। आमजन से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उनका अविलंब निस्तारण करें तथा परिवेदना प्रस्तुत करते ही आमजन को पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाए। साथ ही उसकी परिवेदना के निस्तारण की समय सीमा के बारे में अवगत कराया जाए ताकि वह अनावश्यक चक्कर नहीं लगाए।