उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने काॅलेज प्राचार्यों और प्राध्यापकों से उच्च शिक्षा की आगामी कार्य योजना के सम्बन्ध में किया संवाद

जयपुर। आज भंवर सिंह भाटी उच्च शिक्षा मंत्री राजस्थान द्वारा शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम में सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षाय आयुक्त, कॉलेज शिक्षा और आयुक्तालय के अधिकारियों सहित समस्त राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों और शिक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के संबंध में आगामी कार्य योजना के बारे में अवगत करवाना और परीक्षाओं के आयोजन और नवीन सत्र आरम्भ करने के संबंध में सुझाव लेना था।



इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री भाटी ने बताया कि राज्य सरकार अपने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा के प्रति गंभीर है। वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर कोरोना के प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करते हुए आगामी परीक्षाओं के आयोजन, प्रवेश प्रक्रिया और शिक्षण व्यवस्था के लिए समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है। जुलाई के मध्य से परीक्षाओं का आयोजन करवाया जाएगा और इसके लिए विश्विद्यालयों द्वारा शीघ्र परीक्षा की समय-सारणी जारी कर दी जाएगी। पहले यूजी व पीजी अंतिम वर्ष की कक्षाओं तदुपरांत यूजी प्रथम और द्वितीय वर्ष तथा पीजी पूर्वार्द्ध की परीक्षाएं आयोजित करवाई जाएंगी। परीक्षाओं को दो पारियों में करवाया जायेगा ताकि दोनों पारियों के मध्य परीक्षा केंद्र के सैनिटाइजेशन करने में किया जा सके।



इस अवसर पर भाटी ने परीक्षा के दौरान कोरोना प्रोटॉकॉल की पालना सुनिश्चित करने और निकटतम परीक्षा केन्द्र परीक्षा करवाए जाने,16 जून से महाविद्यालय खुलने पर प्रवेश प्रक्रिया और आगामी परीक्षाओं के आयोजन की तैयारी करने तथा कक्षा-वार पाठ्यक्रम के अनुसार ई-कंटेंट तैयार करने के लिए निर्देशित किया इसके साथ ही उन्होंने जुलाई माह में ऑनलाइन टीचिंग आरंभ कर यूट्यूब चैनल और अन्य संचार माध्यमों से विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाने के लिए हिदायत दी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि आगामी समय में उच्च शिक्षा में अभूतपूर्व परिवर्तन करने की आवश्यकता है जिसमें ई-टीचिंग-लर्निंग, ई-लाइब्रेरी, ऑनलाइन एग्जामिनेशन, असेसमेंट आदि की आवश्यकता होगी। इस मौके पर सभी शिक्षकों को अपने विषय के साथ-साथ नवीन तकनीकों के बारे में भी अपडेट रहने का आह्वान किया।

साथ ही भाटी ने बताया कि आगामी वर्षों में आंतरिक मूल्यांकन व प्रोजेक्ट वर्क जैसे कार्यों को पाठ्यक्रम में शामिल करना आवश्यक है तथा कहा कि आप सभी के सहयोग से ही 01 जुलाई से नियमित कक्षाओं का संचालन, प्रतियोगिता दक्षता कार्यक्रम, राजीव गांधी ई-कंटेंट बैंक की स्थापना, स्मार्ट क्लास योजना, कॉलेज कम्युनिटी कनेक्ट योजना, निरोगी राजस्थान अभियान, अर्जुन दृष्टि क्रीड़ा एवं खेलकूद कार्यक्रम, आइडिया प्रोग्राम आदि सफलतापूर्वक आयोजित करवाये जा सके।

इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय अशोक गहलोत जी का यह एक ड्रीम प्लान है कि राज्य के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में हर वर्ग और हर तबके की पहुंच पर उच्च शिक्षा हो। अपने पहले और दूसरे बजट में ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और हर ब्लॉक और पंचायत समिति लेवल पर महाविद्यालय खोलने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

इस दौरान अनेक प्राचायों और प्राध्यापकों ने ई-कंटेंट तैयार करने के लिए आवश्यक गाइडलाइन जारी करने, परीक्षाओं के आयोजन के समय सोशल डिस्टेंसिंग के पालन और हॉस्टल के बारे में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने, ई-लाइब्रेरी रेडियो और दूरदर्शन के माध्यम से शिक्षण, विद्यार्थी बीमा, प्रोविजनल एडमिशन के समय डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नहीं करने तथा स्थायी प्रवेश के फीस जमा करने आदि के बारे में सुझाव दिए।