उद्यमियों की समस्याओं व सुझावों पर कार्यवाही के लिए जिला कलक्टर्स सहित संबंधित विभागों को किया निर्देशित: एसीएस, उद्योग 
जयपुर। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने जिला कलक्टरों व संबंधित विभागों को पत्र लिखकर कोरोना महामारी से पहले प्रदेश में आयोजित संभागीय कार्यशालाओं में प्राप्त सुझावों व समस्याओ के त्वरित निस्तारण व कार्यवाही के लिए कहा है। उन्होंने जिला उद्योग केन्द्रों को भी स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाते हुए जिला स्तरीय सुझावों के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उद्योग विभाग अब उद्यमियों की समस्याओ व सुझावों पर कार्यवाही के प्रति गंभीर है।

 

एसीएस उद्येग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि राज्य में नवंबर-दिसंबर, 19 में सभी संभागों में संभाग स्तरीय संवाद कार्यशालाओं का आयोजन किया गया था। इन संवाद कार्यशालाओं में उद्योग मंत्री, एसीएस उद्योग, आयुक्त उद्योग सहित संभाग के जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, रीको प्रभारियों, आरएफसी के साथ ही संभाग के औद्योगिक परिसंघों के प्रतिनिधियोें ने हिस्सा लिया था। कार्यशालाओ  में चिन्हित विभिन्न सुझावों व समस्याओं पर कार्यवाही के लिए राज्य स्तर व जिला स्तर के अनुसार चिन्हित किया गया था। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि संभागीय कार्यशालाओं में प्राप्त सुझावों व समस्याओं में से कार्यवाही से शेष सुझावाें व समस्याओं पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।

 

उद्योग विभाग के आयुक्त  मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा संभागीय कार्यशालाओं में प्राप्त सुझावाें व समस्याओ  की नियमित मोनेटरिंग की जा रही है। सभी जिला उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि जिला कलक्टर से समन्वय बनाते हुए जिला स्तरीय विवाद एवं शिकायत निवारण समिति की बैठक बुलाकर समस्याओं का निस्तारण और सुझावों पर कार्यवाही में तेजी लाएं।

 

आयुक्त मुक्तानन्द अग्रवाल ने बताया कि स्थानीय स्तर की समस्याओं के साथ ही केन्द्र व राज्य सरकार के उद्योगों से जुड़ विभिन्न विभागों से संबंधित सुझाव प्राप्त हुए थे। रीको, विद्युत, राजस्व, आरएफसी, बैंकों आदि से संबंधित सुझाव प्रमुखता से उठाए गए थे। उन्होंने बताया कि विभागीय प्रयासों व समन्वय से रीको, विद्युत, राजस्व, पंजीयन मुद्रांक सहित विभिन्न विभागों से संबंधित बिन्दुओं पर कार्यवाही हुई है। कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन की वजह से अन्य प्राथमिकताएं आ गई थी।

 

विभाग द्वारा अब संबंधित विभागों से समन्वय बनाने के साथ ही जिला कलक्टरों को पत्र लिखकर प्राथमिकता से कार्यवाही के लिए कहा गया है। उन्हाेंने बताया कि जिलों में सभी जिला उद्योग केन्द्रों के महाप्रबंधकों को भी समन्वय व मोनेटरिंग के लिए निर्देशित किया गया है।