दौसा में पहली बार आयोजित हुई भारत के मूल संविधान में शामिल चित्रों की प्रदर्शनी
दौसा। जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ भारत (जाब) तथा राष्ट्र सम्मत प्रकाशन समूह द्वारा सच्ची खबरें बनाम झूठी खबरें विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं भारत गौरव पत्रकार सम्मान समारोह में भारतीय संविधान में शामिल चित्रों पर आधारित एक प्रदर्शनी लगाई गई।
 दौसा में पहली बार आयोजित इस प्रदर्शनी में भारतीय संविधान की मूल प्रति की हिन्दी व अंग्रेजी भाषा की प्रतिलिपि भी प्रदर्शित की गई। 
एडवोकेट सूर्यप्रताप सिंह राजावत एवं ऋषि अग्रवाल के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी में लोगों को भारतीय संविधान की मूल प्रति और उसमें शामिल चित्रों के संबंध में जानकारी दी गई। 
उल्लेखनीय है कि भारतीय संविधान की मूल प्रति को संसद भवन के तलघर में हीलियम गैस के चैम्बर में संरक्षित करके रखा गया है। पूर्व में यह नाइट्रोजन गैस के चैम्बर में रखी गई थी।
 वर्ष 2014 में तत्कालीन सरकार द्वारा संविधान की मूल प्रति की प्रतिलिपियां आम जन को विक्रय मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए प्रकाशित की गई।
 इन्हीं प्रकाशित प्रतिलिपियों में से शामिल भारतीय संविधान को और उनमें शामिल 25 चित्रों को अलग से प्रदर्शित किया गया। संविधान के चित्रो में वैदिक गुरुकुल का, मर्यादा पुरुषोत्तम राम का, भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए, मोहनजोदड़ो मुद्रा, भगवान बुद्ध, भगवान नटराज, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और अन्य चित्र भी हैं। ये सभी चित्र नंद लाल बोस द्वारा बनाए गए थे। समारोह में आए अतिथियों व आगंतुकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर इसकी प्रशंसा की।
गौरतलब है कि संविधान में शामिल चित्रों पर वरिष्ठ साहित्यकार लक्ष्मीनारायण भाला द्वारा "हमारा संविधान : भाव एवं रेखांकन" पुस्तक लिखी गई है। इसमें लेखक ने चित्रों के बारे में विस्तार से बताया गया है। संविधान निर्माताओं का उन चित्रों को संविधान में शामिल करते समय क्या भाव रहा होगा, उसके बारे में भी उल्लेख किया गया है।
 प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए।