गुरु तेगबहादुर का मनाएंगे 400वां प्रकाश वर्ष: आरएसएस
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर पश्चिम क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल ने सिक्ख पंथ के नवम गुरु, गुरु तेगबहादुर के 400वां प्रकाश वर्ष पर विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर मनाने का निर्णय लिया है। गुरु तेगबहादुर का जन्म 1621 में हुआ था।

डॉ. अग्रवाल सोमवार को भारती भवन पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने संघ कार्य के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि देश में कुल 55 हजार स्थानों और राजस्थान में 7 हजार136 स्थानों पर संघ का प्रत्यक्ष कार्य है। आगामी दो वर्षों में राजस्थान के सभी 4 हजार 941 मंडलों में संघ कार्य पहुंचे, ऐसा संघ ने आव्हान किया है। वर्तमान में चार हजार से अधिक मंडलों पर संघ कार्य है। कार्य विस्तार के लिए आगामी दो वर्ष के लिए विस्तारक निकलने के लिए कार्यकर्ताओं से समय देने का आव्हान किया गया है।

उन्होंने कर्नाटक के धारवाड़ में 28, 29 और 30 अक्टूबर को सम्पन्न हुई अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में देशभर से सभी प्रांतों व क्षेत्रों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य तथा कुछ विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्रियों सहित कुल 346 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। बैठक में संघ कार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा, कार्य विस्तार और कार्यकर्ता विकास की योजना पर भी चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि बैठक में बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हुए हमलों के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में बताया गया कि बांग्लादेश में हिन्दू समाज पर आक्रमण अचानक घटित घटना नहीं है. फेक न्यूज के आधार पर साम्प्रदायिक उन्माद पैदा करने की कोशिश की गई है, ये हिन्दू समाज के निर्मूलन का योजनाबद्ध प्रयास था। प्रस्ताव में हिन्दुओं पर हुए हिंसक आक्रमणों पर दुख व्यक्त किया गया है और वहां के हिन्दू अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रही क्रूर हिंसा और बांग्लादेश के व्यापक इस्लामीकरण के जिहादी संगठनों के षडयन्त्र की भी घोर निंदा की गई है। उन्होंने कहा कि कार्यकारी मंडल ने बांग्लादेश में हिंसा पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन, भारत सेवाश्रम संघ, विश्व हिन्दू परिषद
एवं अनेक हिन्दू संगठनों-संस्थाओं की सराहना की है और जिहादी संगठनों द्वारा बांग्लादेश के इस्लामीकरण के षड्यंत्र की निंदा की। कट्टरपंथी इस्लामिक शक्ति के उभार को शांतिप्रिय देशों की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गम्भीर ख़तरा बताया।

बैठक में श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र निधि समर्पण अभियान की भी चर्चा हुई। अभियान में करीब 25 लाख कार्यकर्त्ता 5.34 लाख गावों में 12.73 करोड़ परिवारों तक पहुंचे। इसमें संघ के स्वयंसेवक भी सम्मिलित है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन, भारत के ‘स्व’ को जागृत करने का आंदोलन था इसलिए स्वदेशी आंदोलन उसमें जुड़ गया, स्व-भाषा, स्व-संस्कृति का आंदोलन जुड़ गया आगे उन्होंने कहा की स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव के निमित्त संघ के स्वयंसेवक समाज व विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर काम करेंगे, स्वतंत्रता आंदोलन के अज्ञात सेनानियों का जीवन समाज के सामने लाया जाएगा। उदाहरण स्वरूप कालापानी में सजा काटने वाले लोगों के बारे में जानकारी ही नहीं है, ऐसे लोगों के जीवन पर प्रदर्शनी लगाना है।

उन्होंने बताया कि संघ की आगामी अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 11, 12 व 13 मार्च 2022 को हरियाणा के सोनीपत में होगी।